ट्विंकल खन्ना ने हाल ही में मदरहुड के मीठे-कड़वे सफर के बारे में खुलकर बात की है. उन्होंने अपनी मां के साथ रिश्ते और एक पेरेंट्स के रूप में अपने एक्सपीरिएंस पर विचार करते हुए बताया कि उनके बड़े बेटे ने अपनी 20s में कदम रखा, तो उन्हें एहसास हुआ कि बच्चों को अपनी पहचान खोजने के लिए उन्हें आजादी देना पेरेंट्स के लिए कितना दर्दनाक, लेकिन उतना ही जरूरी होता है.

मैं सड़क से ज्यादा किताबों की समझ रखती हूं

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में ट्विंकल खन्ना ने अपनी मां और दिग्गज एक्ट्रेस डिंपल कपाड़िया के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा,'मां और बेटी का रिश्ता शायद ही कभी सीधा और सरल होता है, भले ही हमारा रिश्ता अच्छा ही क्यों न हो. इससे फर्क नहीं पड़ता कि मैं 52 साल की हूं और अनुभवों के साथ थोड़ी समझदारी भी हासिल कर चुकी हूं. मेरी मां की नजरों में मैं हमेशा उतनी भोली भाली, थोड़ी भोंदू बच्ची ही रहूंगी. मैं सड़क की समझ से ज्यादा किताबों की समझ रखने वाली हूं. वो हमेशा मुझे सलाह देने के लिए तैयार रहती है.'

ट्विंकल ने इसके आगे कहा कि मदरहुत की इमोशनल कठिनाइयों को उन्होंने तब समझा जब उनके बेटे आरव कुमार ने 20s में कदम रखा. बच्चों के बड़े होने के साथ उनके स्वतंत्र होने और दूरी बढ़ने की प्रोसेस पर भी उन्होंने बात की.

ट्विंकल ने कहा,'प्यूबर्टी के बाद से ही हम अपने पेरेंट्स के खिलाफ दरवाजे बनाने लगते हैं. उनमें झरोखे और छोटी खिड़कियां तो होती हैं, लेकिन मेन गेट शायद ही कभी खुला रहता है. जब तक मेरा बड़ा बेटा अपने बीसवें दशक में नहीं पहुंचा, तब तक मुझे समझ नहीं आया कि अपनी पहचान के लिए ये संघर्ष मां के लिए कितना दर्दनाक हो सकता है. बच्चे को अपने पास रोककर रखने की इच्छा, उसे जाने देने की जिम्मेदारी. भले ही ये हमेशा के लिए अलगाव जैसा महसूस हो. इन दोनों के बीच का दर्द बस कभी-कभी मैसेज और साथ बिताई छुट्टियों से ही थोड़ा कम होता है.'

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