बॉलीवुड की पॉपुलर एक्ट्रेस तिलोत्तमा शोम इन दिनों फिल्म 'इक्का' को लेकर सुर्खियां बटोर रही हैं. 10 जुलाई 2026 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई इस कोर्टरूम ड्रामा फिल्म में उनकी एक्टिंग की खूब तारीफ हो रही है. इस बीच हाल ही में तिलोत्तमा ने एक इंटरव्यू में फिल्म इंडस्ट्री में आठ घंटे काम करने की मांग को लेकर चल रही बहस पर अपनी राय रखी और बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण का समर्थन किया.

Continues below advertisement

तिलोत्तमा शोम ने क्या कहा?NDTV को दिए इंटरव्यू में तिलोत्तमा शोम ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में कई सीनियर कलाकार ऐसे हैं, जो सालों से 12 घंटे से कम काम करते हैं और ये उनके कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा होता है, लेकिन इस पर कभी कोई बात नहीं करता. तिलोत्तमा ने कहा, 'जब आप इंडस्ट्री में नए होते हैं, तब 12 घंटे की शिफ्ट नॉर्मल मानी जाती है, लेकिन मैंने कई सीनियर कलाकारों को इससे कम घंटे काम करते देखा है. अपनी स्टार पावर के दम पर कलाकार तय कर सकते हैं कि उन्हें कितने घंटे काम करना है.'

Continues below advertisement

कई सीनियर कलाकार 12 घंट से कम काम करते हैं...उन्होंने आगे कहा, 'ये विवाद नया नहीं है, बल्कि लंबे समय से चल रहा है. इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि दीपिका पादुकोण के ये मुद्दा उठाने के बाद ही इस पर इतनी चर्चा क्यों होने लगी.' वो कहती हैं, 'काम और पर्सनल लाइफ के बीच बैलेंस जरूरी है. फिल्म बनाना एक टीमवर्क है, इसलिए इस मुद्दे पर सिर्फ सुर्खियां बनाने के बजाय खुलकर बात होनी चाहिए.' 

इन सेलेब्स ने किया दीपिका पादुकोण का समर्थनतिलोत्तमा शोम से पहले भी कई बॉलीवुड सेलेब्स दीपिका पादुकोण की 8 घंटे की शिफ्ट की मांग का समर्थन कर चुके हैं. हमेशा बेबाकी से अपनी राय रखने वाली एक्ट्रेस कंगना रनौत ने दीपिका पादुकोण के इस कदम को बेहद सही ठहराया है. कंगना ने कहा था कि एक टॉप अभिनेत्री होने के नाते दीपिका का ये स्टैंड लेना बिल्कुल सही है.

ये भी पढ़ेंः सैफ अली खान को चुकानी पड़ी बहुत ज्यादा हैंडसम होने की कीमत, 20 साल पुरानी फिल्म में हाथ से निकला दमदार रोल

वहीं, काजल अग्रवाल ने भी दीपिका को सपोर्ट करते हुए कहा कि एक दिन में तय 8 घंटे काम करने की मांग करना कहीं से भी गलत नहीं है. इसे किसी कलाकार के नखरे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. एक्ट्रेस सबा आज़ाद ने भी दीपिका की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सेट पर महिलाओं को उनके अधिकार और सम्मान दोनों मिलने चाहिए. कामकाजी घंटों को सीमित करना बुनियादी अधिकारों का हिस्सा है.

क्या है पूरा मामला?बता दें कि पिछले साल ऐसी खबरें आई थीं कि दीपिका पादुकोण ने डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म 'स्पिरिट' छोड़ दी है, क्योंकि वो 8 घंटे से ज्यादा काम नहीं करना चाहती थीं और वो भी अपनी शर्तों पर. फिल्म 'कल्कि 2' से भी उन्हें किनारा किया गया. इसके बाद से ही सोशल मीडिया और बॉलीवुड गलियारों में 8 घंटे की शिफ्ट को लेकर बहस छिड़ी हुई है. 

ये भी पढ़ेंः 'इतनी मोटी कैसे बन गईं?', मां बनने बाद 100 किलो की हो गईं थी समीरा रेड्डी, भद्दे कमेंट मारते थे लोग