नई दिल्ली : गुरमीत राम रहीम को दो साध्विओं के साथ बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा सुनाए जाने के बाद उससे जुड़े कई खुलासे हो रहे हैं. हाल ही में राम रहीम पर दो और बड़े खुलासे हुए हैं. पहला ये कि नोटबंदी के दौरान गुरमीत राम रहीम ने अपने भक्तों को पुराने नोट दे कर उनसे चेक ले लिए ताकी ब्लैक मनी को व्हाइट किया जा सके और दूसरा यह कि गुरमीत ने अपनी फिल्मों के जरिए करोड़ों रुपये के काले धन को सफेद किया. लोगों को लगता है कि राम रहीम ने 'मैसेंजर आफ गॉड' अपने शौक के लिए बनाई थी लेकिन ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है. इस फिल्म के पीछे काले धन को सफेद करने की एक बहुत बड़ी कहानी है. 2007 में डेरा छोड़ने वाले खट्टा सिंह ने एबीपी न्यूज को बताया कि गुरमीत राम रहीम ने पांचों फिल्में अपने काले धन को सफेद करने के लिए बनाई थी. खट्टा सिंह ने बताया कि राम रहीम अपनी फिल्मों के रिलीज होने पर सिनेमा हॉल मालिकों से सांठ गांठ करके सारे टिकट खुद ही खरीद लेता था, और यह दिखाता था कि सिनेमा हॉल एकदम हाउसफुल है. इस तरह राम रहीम अपने काले धन से फिल्म की टिकटें खरीदता था, और फिल्म की कमाई से अपनी ब्लैक मनी को व्हाइट मनी कर लेता था. राम रहीम अपनी फिल्मों का निवेश भी बढ़ा-चढ़ा कर दिखाता था. राम रहीम की फिल्मों ने हमेशा से कम कमाई की है लेकिन निर्माताओं ने फिल्म की कमाई को बढ़ा-चढ़ा के दिखाया. साल 2015 में गुरमीत की पहली फिल्म 'मैसेंजर आफ गॉड' रिलीज हुई थी. इस फिल्म ने सिर्फ 17 करोड़ की कमाई की थी लेकिन निर्माताओं ने दावा किया कि फिल्म ने 126 करोड़ रुपये कमाए.
...तो फिल्मों के जरिए कालेधन को सफेद करता था बलात्कारी बाबा गुरमीत राम रहीम!
एबीपी न्यूज़ | 02 Sep 2017 10:08 PM (IST)