अमृतसर: पंजाबी सूफी संगीत की दुनिया में बेहद लोकप्रिय पहचान रखने वाले प्यारे लाल वडाली का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. उनकी उम्र 75 साल थी. वे और उनके भाई वडाली ब्रदर्स के नाम से मशहूर थे. वडाली ने अपने बड़े भाई पूरन चंद वडाली के साथ मिलकर कई लोकप्रिय गाने गाए, जिसमें से 'तू माने या न माने' और तनु वेड्स मनु का 'रंगरेज मेरे' शामिल है.
प्यारे लाल वडाली को सीने में दर्द की शिकायत के बाद सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ. उनके परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटें और तीन बेटियां हैं.
वडाली और उनके भाई को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है. गायिका ऋचा शर्मा ने वडाली के निधन की खबर को संगीत की दुनिया के लिए बेहद दुखद दिन बताया है. उन्होंने कहा, “संगीत की दुनिया और प्रशंसकों के लिए एक बुरी खबर!! प्यारे लाल वडाली हमारे बीच नहीं रहें. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे.”
सूफी गायिका हर्षदीप कौर ने ट्वीट किया, “ संगीत की दुनिया के लिए बेहद बुरी खबर. विश्वास नहीं हो रहा कि प्यारे लाल वडाली जी अब हमारे बीच नहीं रहे. उनका संगीत हमेशा जीवित रहेगा.”
शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी गायक के मौत पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “वडाली ब्रदर्स के प्यारे लाल वडाली की मौत की खबर से दुखी हूं. वे सूफी संगीत के प्रतीक थे. संगीत की दुनिया के लिए यह अपूर्णीय क्षति है. मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें शांति मिले.”
