सोनाक्षी सिन्हा की जहीर इकबाल संग शादी के बाद से उनके प्रेगनेंसी रूमर्स फैले हुए हैं. वहीं अक्टूबर में सोनाक्षी ने एक मज़ेदार इंस्टाग्राम पोस्ट के ज़रिए इन अफवाहों को खारिज किया था. उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा था,"मानव इतिहास में सबसे लंबी प्रेगनेंसी की वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर."
वहीं रमेश तौरानी की दिवाली पार्टी में, उनके पति ज़हीर इकबाल ने उनके पेट पर हाथ रखकर पैपराज़ी के लिए एक तस्वीर क्लिक कराई थी. प्रेगनेंसी को कंफर्म करने का नाटक करते हुए उन्होंने रूमर्स पर मज़ाकिया अंदाज़ में निशाना साधा था. वहीं अब सोनाक्षी सिन्हा ने एक इंटरव्यू में अपनी प्रेगनेंसी रूमर्स पर बात की है.
प्रेगनेंसी रूमर्स पर क्या बोलीं सोनाक्षी सिन्हा? दरअसल न्यूज़18 शोशा को दिए इंटरव्यू के दौरान सोनाक्षी सिन्हा ने कहा, "मैंने कोई मज़ाक नहीं किया. मीडिया बस मुझ पर मज़ाक उड़ाता रहता है. वे सोचते रहते हैं कि मैं प्रेग्नेंट हूं! जब मैं प्रेग्नेंट होऊंगी, तो मैं दुनिया को सबसे पहले बताऊंगी कि दोस्तों, अब मैं प्रेग्नेंट हूं, चुप हो जाओ."
शादी के बाद कुछ नहीं बदलाबता दें कि सोनाक्षी और ज़हीर ने लगभग सात साल डेट करने के बाद जून 2024 में शादी की थी. वह कहती हैं कि उन्हें खुशी है कि शादी के बाद कुछ भी नहीं बदला है, खासकर उनके काम और करियर के मामले में. जहां बॉलीवुड अक्सर शादीशुदा अभिनेत्रियों को दरकिनार कर देता है, वहीं सोनाक्षी खुश हैं कि वह अब भी पहले जैसे उत्साह और एनर्जी के साथ काम कर रही हैं. "वे (उससे पहले की पीढ़ी की महिला कलाकार) इसलिए चलती थीं ताकि हम दौड़ सकें. आज, मैं सोच भी नहीं सकती कि मेरी शादी हो गई है और इसलिए मुझे कोई काम नहीं मिलेगा. यह विचार भी मेरे मन में नहीं आता. मैं उस डायरेक्शन में बिल्कुल नहीं सोच सकती. शादी लाइफ का एक पार्ट, जैसा कि कहा जाता है."
शादी किसी भी प्रोफेशन में बैरियर नहीं बनतीवह आगे कहती हैं, "शादी किसी भी दूसरे प्रोफेशन में रुकावट नहीं लाती. आज, अगर कोई महिला पत्रकार शादी कर रही है, तो वह अचानक काम करना बंद नहीं कर देगी. उनकी वर्किंग लाइफ में कोई ठहराव नहीं आने वाला. हमसे पहले की उन महिला कलाकारों को सलाम जिन्होंने हमारे लिए रास्ता बनाया है." ये पूछे जाने पर कि क्या इसका मतलब ये है कि फिल्म इंडस्ट्री से भी उम्रवाद गायब हो गया है? वह कहती हैं, "युवाओं के प्रति यह जुनून कुछ हद तक मौजूद है. लेकिन मुझे लगता है कि ज़्यादातर लोग अब इससे आगे बढ़ चुके हैं. वे इसे नज़रअंदाज़ करने को तैयार हैं."
हर उम्र की महिलाओं के लिए लिखे जा रहे रोलअपनी राय को दोहराने के लिए, वह जया बच्चन का उदाहरण देती हैं, जिन्होंने रॉकी और रानी की प्रेम कहानी से अपनी वापसी की और अब दिल का दरवाज़ा खोल ना डार्लिंग में नज़र आएंगी. सोनाक्षी ने कहा, "आज, हर उम्र की महिलाओं के लिए भूमिकाएं लिखी जा रही हैं, कुछ खूबसूरत भी. हम अब ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां 17 और 18 साल की नई अभिनेत्रियां भी अपनी शुरुआत कर रही हैं. साथ ही, जया जी और शबाना (आज़मी) जी भी काम कर रही हैं. मुझे लगता है कि यह कहना बहुत अच्छा है कि हर महिला अपनी सीमा में आ रही है, अपनी जगह बना रही है और उसमें जान डाल रही है."