Sonakshi Sinha And Zaheer Iqbal Wedding: बस चंद घंटों का इंतजार और फिर सोनाक्षी सिन्हा एवं जहीर इकबाल शादी के बंध में बंध जाएंगे. 23 जून को बॉलीवुड के इन दोनों कलाकरों की शादी होने वाली है. सोनाक्षी सिन्हा जहां हिंदू है तो वहीं जहीर इकबाल मुस्लिम हैं. ऐसे में दोनों की शादी को लेकर लोग यह भी जानना चाहते हैं कि आखिर दोनों किस रीति रिवाज के साथ शादी करेंगे.

जबसे सोनाक्षी और जहीर की शादी की खबरें सामने आई है तबसे ही इस पर काफी चर्चा हो रही है. अलग-अलग धर्मों के चलते दोनों को लोगों के ताने भी सुनने पड़े है. हालांकि अब शादी से ठीक पहले यह खबर सामने आ चुकी है कि दोनों की शादी किस धर्म के अनुसार होगी या किसी और तरीके से होगी. क्या सोनाक्षी शादी के बाद मुस्लिम धर्म अपना लेंगी? आइए इन सवालों के जवाब आपको देते हैं.

अपना धर्म नहीं छोड़ेंगी सोनाक्षी सिन्हा

सोनाक्षी और जहीर की शादी से ठीक पहले एबीपी न्यूज को सूत्र से अहम जानकारी मिली है. सूत्र ने बताया है कि न ही शादी के लिए और न ही शादी के बाद सोनाक्षी सिन्हा अपना धर्म बदलेंगी. मुस्लिम जहीर से शादी करने के बाद भी एक्ट्रेस हिंदू बनी रहेंगी. वे शादी के बाद अपने नाम में भी बदलाव नहीं करेंगी.

किस रीति-रिवाज से होगी शादी

एबीपी न्यूज को सूत्र से ने यह भी बताया कि आखिर दोनों की शादी किस तरीके से संपन्न होगी. सोनाक्षी की शादी न ही मुस्लिम रीति-रिवाज से होगी और न ही हिंदू धर्म के अनुसार होगी. यह शादी 1954 के स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत एक रजिस्टर्ड मैरिज होगी. इसका दोनों ही धर्मों से कोई लेना-देना नहीं है. ऐसे में शादी में हिंदू और मुस्लिम दोनों ही धर्मों के किसी भी रीति-रिवाज का पालन भी नहीं होगा.

क्या है स्पेशल मैरिज एक्ट?

स्पेशल मैरिज एक ऐसा एक्ट है जो भारतीय संविधान के तहत दो अलग धर्मों के लोगों को शादी करने की अनुमति देता है. यह केवल हिंदू और मुस्लिम ही नहीं बल्कि अन्य धर्मों के लोगों के लिए भी काम करता है. लेकिन उनका भारतीय होना जरुरी है. चाहे कोई विदेश में रहता हो लेकिन उसके लिए जरुरी हैं कि वो इंडियन हो.

इन नियमों का भी पालन जरुरी

- जब भी शादी करनी होती है उससे 30 दिन पहले कोर्ट में नोटिस देना पड़ता है. कोर्ट खुद शादी की डेट सेट करता है. 

- जिस जिला कोर्ट में नोटिस दिया गया हो उस जिले में महिला या पुरुष दोनों में से किसी एक का 30 दिनों तक रहना जरुरी है. 

- दोनों 30 दिनों के बाद शादी कोर्ट में करने के लिए मान्य हो जाते हैं. महिला और पुरुष दोनों को ही  मैरिज रजिस्ट्रार के ऑफिस में सिग्नेचर करना पड़ता है. 

- स्पेशल मैरिज एक्ट के कारण शादी में कोई रस्म नहीं निभाई जाती है. यह कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत होने वाली शादी है. 

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