उज्जैन के महाकाल मंदिर में पांच दिवसीय महाकाल महोत्सव का आयोजन हुआ है. इस महोत्सव के तीसरे दिन बॉलीवुड सिंगर सोना महापात्रा ने स्टेज से अपनी दमदार आवाज में शिव भक्ति गीत गाए. पूरे माहौल में भक्ति और संगीत का खास संगम देखने को मिला.

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मंदिर परिसर में हुआ खास शोये शो उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर के अंदर ही रखा गया था. सोना महापात्रा के लिए ये मौका बेहद खास रहा क्योंकि उन्होंने पहली बार शिव भक्ति से भरे गीत गाए. भस्म आरती से लेकर भक्ति गीतों तक का ये पूरा अनुभव उनके लिए काफी अद्भुत और यादगार रहा.

भस्म आरती का पहला अनुभवभस्म आरती में शामिल होने के अपने अनुभव को लेकर सोना महापात्रा ने आईएएनएस से बात की. उन्होंने कहा, 'भस्म आरती में शामिल होने का मौका पहली बार मिला है और हमने महाकाल महोत्सव में भी गाया है. ऐसा पहली बार है जब हमने 2 घंटे तक लगातार भक्ति गीत गाए और भगवान शिव और मां पार्वती के आशीर्वाद की वजह से ही ये सब संभव हो पाया है. भस्म आरती में शामिल होकर शांति और ऊर्जा दोनों मिली है. जब सब एक साथ एक ही सुर में गा रहे थे तो मन ऊर्जा से भर उठा. मैं यहां पहली बार आई हूं लेकिन अब बार-बार आऊंगी.'

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साल 2025 को लेकर जताई उम्मीदसोना ने आगे कहा,'मुझे लगता है कि आज के बाद मेरे जीवन और देश में भी सबकुछ ठीक होने वाला है. साल 2025 हर तरह से उठक-पटक वाला साल रहा है और मुझे उम्मीद है कि भस्म आरती की जो ऊर्जा है वो इस साल सब कुछ सही कर देगी. मैं इस एनर्जी को अपने साथ लेकर जा रही हूं.'

गानों और भगवान शिव पर कही ये बातहिंदी सिनेमा में बन रहे गानों को लेकर सोना महापात्रा ने कहा की 'मुझे लगता है कि अब सुकून वाले गाने सुनने और गाने भी चाहिए क्योंकि हर तरफ सिर्फ प्रेशर रहता है कि अच्छा ही करना है. हम कलाकारों के लिए भगवान शिव ही सबकुछ हैं क्योंकि उन्होंने ही नृत्य और कला की नींव रखी है. हम सबके लिए इस पूरी सृष्टि के लिए उनका आशीर्वाद बहुत जरूरी है.' आपको बता दें कि सोना महापात्रा ने बॉलीवुड को कई बेहतरीन गाने दिए हैं जिनमें ‘अंबरसरिया’, ‘बहारा’, ‘नैना’, ‘मुझे का लूटेगा रुपैया’, ‘बेड़ा-पार’ और ‘जिया लागे न’ शामिल हैं.