बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर शेखर सुमन ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी जिंदगी के सबसे दर्दनाक दौर के बारे में बात की. शेखर के बड़े बेटे आयुष का निधन साल 1995 में 'एंडोमायोकार्डियल फाइब्रोसिस' नाम की एक गंभीर दिल की बीमारी के कारण हो गया था. उस समय आयुष की उम्र सिर्फ 11 साल थी. इस दर्दनाक घटना ने शेखर सुमन और उनके पूरे परिवार को गहरा सदमा दिया था और वो पूरी तरह टूट गए थे. अब शेखर ने अपने बेटे आयुष सुमन की बीमारी और उनके निधन के बारे में खुलकर बात की है. 

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शेखर सुमन ने कही ये बातशेखर सुमन ने लहरें रेट्रो को दिए इंटरव्यू में कहा, 'मेरे पिता डॉक्टर थे. आयुष उनकी गोद में आकर बैठा और जब वो उसे यूं ही देख रहे थे, तो उन्होंने कहा कि शेखर, इधर आओ. इसका लिवर थोड़ा बढ़ा हुआ लग रहा है. जब तुम मुंबई वापस जाओ, तो इसकी जांच करवा लेना. हो सकता है कुछ न हो, लेकिन इसे नजरअंदाज मत करना.'

छा गया था सन्नाटाइसके बाद शेखर सुमन ने बेटे के टेस्ट करवाए. जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि आयुष 'एंडोमायोकार्डियल फाइब्रोसिस' से पीड़ित है. शेखर ने कहा, 'ये दिल की एक बहुत ही दुर्लभ बीमारी है. एक के बाद एक टेस्ट और हमें पता चला कि उसे दिल में फाइब्रोसिस है, जो अरबों में एक को होने वाली बीमारी है. जब मैंने फोन पर पापा को बीमारी के बारे में बताया, तो एकदम सन्नाटा छा गया. उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा, हे भगवान.'

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'वो मेरा पोता बनकर वापस आएगा'शेखर सुमन कहते हैं, 'बेटे को खोने का दर्द मुझे आज भी परेशान करता है. मैंने इस बारे में कई बार बात की है, पर मैं इससे कभी उबर नहीं पाऊंगा. हर रोज हम उसके बारे में बात करते हैं, उसकी तस्वीरें देखते हैं और याद करते हैं.' बातचीत के दौरान शेखर ने दावा किया कि आयुष अब उनका पोता बनकर वापस आएगा. 

जब पत्नी ने सुनी बेटे की आवाजशेखर सुमन ने बताया कि उन्हें अब भी बेटे की मौजूदगी का एहसास होता है. उन्होंने एक घटना का जिक्र किया, जब पत्नी अल्का के साथ बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर गए थे. शेखर सुमन ने बताया कि 2009 के चुनावों के दौरान जब वो प्रचार कर रहे थे, तब अल्का ने उन्हें फोन किया. इससे पहले कि वो अपनी परेशानी बता पातीं, उन्होंने तुरंत पूछा कि क्या वो आयुष से मिली थीं. शेखर ने कहा, 'वो हैरान रह गईं और पूछा कि मुझे कैसे पता चला. उन्होंने अपनी पत्नी से कहा, 'मंदिर जाने के बाद, कोई उनसे पैसे मांगने आया. उन्होंने उसे थोड़ी सी रकम दी, तो उस व्यक्ति ने ठीक आयुष की आवाज और अंदाज में कहा, "इतने से मेरा क्या होगा." यह बात आयुष अकसर घर पर तब कहता था, जब डॉक्टर उसके खाने पर रोक लगाते थे और उसे कम खाना दिया जाता था.'

'मैं उसकी आवाज सुन सकता हूं'शेखर सुमन आगे बोले, 'अल्का हैरान रह गई. उन्होंने तुरंत उस व्यक्ति को ढूंढा, लेकिन वो गायब हो चुका था. कई पुजारियों और ज्योतिषियों ने हमसे कहा था कि आयुष एक दिन हमें कोई इशारा देगा. अल्का को पक्का यकीन है कि वह वही था. हमें लगता है कि वहो अभी भी हमारे साथ है. कई लोगों ने भविष्यवाणी की है कि आयुष एक दिन किसी दूसरे रूप में परिवार में वापस आएगा. हमें बताया गया है कि वो अध्ययन के बेटे के रूप में वापस आएगा. हम उस पल का इंतजार कर रहे हैं. मुझे सच में लगता है कि वह हमारे आस-पास है. मैं उसकी आवाज सुन सकता हूं.'

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बता दें कि शेखर ने 4 मई 1983 को अल्का सुमन से शादी की थी. इस कपल ने 1984 में बेटे आयुष सुमन का वेलकम किया, लेकिन 1995 में उनकी मौत हो गई. शेखर और अल्का बॉलीवुड एक्टर अध्ययन सुमन के बेटे हैं.