Shammi Kapoor Birth Anniversary: 'जंगली' बनकर बॉलीवुड पर छा गए थे शम्मी कपूर, जमाना आज भी कहता है- 'तुमसा नहीं देखा'
Shammi Kapoor: उन्होंने सिनेमा को करीब 50 साल दिए और 300 से ज्यादा फिल्मों में काम करके अपना नाम इस कदर रोशन किया कि दुनिया उन्हें आज भी याद करती है.

Shammi Kapoor Unknown Facts: कोई उन्हें 'जंगली' बताता है तो कोई 'मजनू'. दरअसल, उनकी 'परवरिश' फिल्मी दुनिया से ताल्लुक रखने वाले परिवार में हुई, जिसके चलते उन्हें भी बचपन से ही सिनेमा से 'प्रेम रोग' हो गया. फिर बॉलीवुड पर उनकी 'हुकूमत' इस 'अंदाज' में चली कि अपनी अदाकारी से उन्होंने 'चमत्कार' करते हुए 'तहलका' मचा दिया. यकीनन हम बात कर रहे हैं शम्मी कपूर की, जो भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन अपने फैंस के दिलों के 'रॉकस्टार' सदियों तक बने रहेंगे. आज शम्मी कपूर की बर्थ एनिवर्सरी है तो आइए हम आपको उनकी जिंदगी के चंद किस्सों से रूबरू कराते हैं.
पापा के थिएटर में सीखीं एक्टिंग की बारीकियां
21 अक्टूबर 1931 के दिन मुंबई (उस वक्त बॉम्बे) में मशहूर कलाकार और फिल्मकार पृथ्वीराज कपूर के घर में शम्मी कपूर का जन्म हुआ था. वह पूरी दुनिया में शम्मी कपूर के नाम से मशहूर हुए, लेकिन उनका बचपन का नाम शमशेर राज कपूर था. बचपन से ही उन्होंने घर में फिल्मी माहौल देखा और खुद भी इसी लाइन में करियर बनाने का फैसला कर लिया. इसके लिए उन्होंने पिता के पृथ्वी थिएटर में ही अभिनय की बारीकियां भी सीखीं.
शम्मी के 'जीवन' की 'ज्योति' बना बॉलीवुड
शम्मी कपूर ने फिल्म जीवन ज्योति से बॉलीवुड में पहला कदम रखा. यह फिल्म कमाई के मामले में तो कामयाब नहीं रही, लेकिन शम्मी कपूर की अदाकारी ने तमाम दिल जीत लिए. इसके बाद उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ढेर हुईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और एक दिन ऐसा भी आया, जब जमाने ने 'तुमसा नहीं देखा' कह दिया. दरअसल, शम्मी कपूर को फिल्म तुमसा नहीं देखा से ऐसी कामयाबी मिली कि उनकी इमेज स्टाइलिश प्लेबॉय की बन गई. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.
जब परवान नहीं चढ़ पाया प्यार
अपनी अदाकारी के साथ-साथ शम्मी कपूर ने अपनी निजी जिंदगी की वजह से भी तमाम सुर्खियां बटोरीं. दरअसल, उनकी जिंदगी में इश्क का फूल सबसे पहले मशहूर अदाकारा मुमताज ने खिलाया था, जो उनसे करीब 20 साल छोटी थीं. जब मुमताज महज 18 साल की थीं, उस वक्त ही शम्मी कपूर ने उन्हें शादी के लिए प्रपोज कर दिया. मुमताज भी शम्मी से बेइंतहा मोहब्बत करती थीं, लेकिन उनकी शर्त मानने के लिए तैयार नहीं हुईं. दरअसल, शम्मी कपूर ने शर्त रखी थी कि शादी के बाद मुमताज फिल्मों में काम नहीं करेंगी, जिससे अभिनेत्री ने इनकार कर दिया और यह रिश्ता टूट गया.
इश्क में परिवार से ही कर दी बगावत
मुमताज से रिश्ता टूटने के बाद शम्मी कपूर भी बिखर गए. इसके बाद उनका दिल एक्ट्रेस गीता बाली पर आ गया, जो शम्मी कपूर से उम्र में बड़ी थीं. शम्मी इस बार अपनी मोहब्बत के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हो गए और उन्होंने परिवार से बगावत करके 1955 के दौरान गीता बाली को अपना हमसफर बना लिया. यह रिश्ता महज 10 साल चल पाया, क्योंकि चेचक की वजह से गीता 1965 के दौरान इस दुनिया को अलविदा कह गईं.
फिर इस शर्त पर शम्मी ने की थी शादी
गीता बाली के निधन से शम्मी कपूर बुरी तरह टूट गए. उन्होंने खुद पर ध्यान देना भी बंद कर दिया, लेकिन गीता और अपने बच्चों की खातिर शम्मी कपूर ने एक बार फिर शादी रचाई. 1969 के दौरान उन्होंने शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली नीला देवी संग सात फेरे लिए, लेकिन उनके सामने भी एक शर्त रखी कि वह ताउम्र मां नहीं बनेंगी और गीता के बच्चों को ही पालेंगी. नीला देवी ने यह शर्त मान ली और ताउम्र इस पर खरी उतरीं. बॉलीवुड के एल्विस प्रेसली के नाम से मशहूर रहे शम्मी कपूर ने 14 अगस्त 2011 के दिन इस दुनिया को अलविदा कह दिया.
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Source: IOCL


























