साल की अवेटेड सीक्वल धुरंधर 2 में रणवीर सिंह, सारा अर्जुन, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन और राकेश बेदी जैसे कलाकार अपने किरदार दोहराते हुए नजर आ रहे हैं. यह फ़िल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई और दर्शकों से इसे धमाकेदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. वहीं राम गोपाल वर्मा, आदित्य धर की फ़िल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' की जमकर तारीफ़ कर रहे हैं.
वर्मा, ने फिल्म की पहली किस्त की भी खूब तारीफ की थी. वहीं एक बार फिर फिल्ममेकर ने आदित्य धर की इस सीक्वल पर अपनी बेबाक राय ज़ाहिर की है. उन्होंने 'धुरंधर 2' को भारतीय सिनेमा के लिए एक 'गेम-चेंजर' बताया है. यहां तक कि उन्होंने इसे उन फ़िल्म निर्माताओं के लिए इसे एक 'हॉरर' (डरावना अनुभव) भी कहा है, जो अपनी स्टोरीटेलिंग शोर-शराबे, अनरियलिस्टिक चीजों पर डिपेंड रहते हैं.
धुरंधर 2 फिल्ममेकर्स के लिए है ‘हॉरर’कुछ देर पहले राम गोपाल वर्मा ने अपने एक्स अकाउंट पर आदित्य धर की फ़िल्म को लेकर एक लंबा नोट शेयर किया. अपने इस लंबे नोट में, उन्होंने रणवीर सिंह के अभिनय की तारीफ़ की. उन्होंने अपने नोट में लिखा, "धुरंधर 2 एक हॉरर है. यह उन सभी फ़िल्ममेकर्स के लिए एक डरावना सपना है जिन्होंने अपना करियर और अपनी दौलत ऐसे सिनेमा पर बनाई है जो बेवकूफ़ी भरा और बहुत ज़्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया होता था. ऐसा सिनेमा जिसमें दिमाग को घर पर छोड़कर आने की ज़रूरत पड़ती थी. ऐसा सिनेमा जो ज़बरदस्ती हमारे गले उतारा जाता था, जिसमें सिर्फ़ शोर और मसाला भरा होता था, और जो अब जल्द ही वेंटिलेटर पर सांस लेने के लिए संघर्ष करता नज़र आएगा. धुरंधर 2 हर उस फ़िल्ममेकर को बुरी तरह डरा देगा जो अब भी हीरो को भगवान की तरह पूजता है. "
राम गोपाल वर्मा ने की रणवीर सिंह की जमकर तारीफउन्होंने आगे लिखा, “धुरंधर 2 में,रणवीर सिंह ने उन सभी हीरो को खत्म कर दिया जो कभी खून नहीं बहाते, और जिन्हें कभी दर्द महसूस नहीं होता और फिर, ऐसे पुराने ज़माने के हीरो की लाशों के ऊपर, उन्होंने एक सच्चे और असली हीरो को जन्म दियe जो भले ही कमियों से भरा हो, लेकिन खतरनाक और अप्रत्याशित है. साथ ही, उसकी हीरोपंती ज़बरदस्ती कानों के पर्दे फाड़ देने वाले म्यूज़िक के साथ थोपी हुई नहीं है, बल्कि उसके कामों से झलकती है. इस नए तरह के हीरो के मुकाबले, वे 'भगवान जैसे' हीरो अचानक से बेतुके लगने लगेंग बिल्कुल किसी सर्कस के जोकर की तरह, और फिर, जब उनके अंधे भक्त फ़िल्म के कलेक्शन के बारे में सुनेंगे, तो उन्हें खुद को बिल्कुल नंगा, बेनकाब और डरा हुआ महसूस होगा.”
‘धुरंधर 2 ने पैन इंडिया डायरेक्टर्स को भी डरा दिया है’फिल्म मेकर ने अपने नोट में आगे लिखा, “धुरंधर 2 उन लोगों को डरा देगी जिन्होंने अपना करियर ऐसे एक्शन सीन पर बनाया है जहां फ़िज़िक्स एक मज़ाक है और ग्रैविटी का कोई वजूद ही नहीं है. ऐसे सीन, जहां लोग पचास फ़ीट हवा में उछलते हैं, ज़मीन से रबर की गेंदों की तरह टकराकर वापस उछलते हैं, ऐसे धमाकों से बच जाते हैं जो पूरे शहरों को भाप बनाकर उड़ा सकते हैं, और फिर भी अपने कंधों से धूल झाड़ते हुए ज़ोरदार डायलॉग बोलते हैं, ऐसे सीन को आज की नई ऑडियंस सिरे से नकार देगी.
जब ऑडियंस ने ऐसा एक्शन देखा जो सच में चोट पहुंचाता है, जिससे सच में खून निकलता है, तो हवा में उड़ने वाले गुंडों की टोली अचानक सस्ती, नकली और शर्मनाक हद तक बेतुकी लगने लगेगी. जो फ़िल्ममेकर आज भी हीरो को हवा में उठाने के लिए तारों और क्रेनों का सहारा लेते हैं, वे अब डर के मारे पसीने से तरबतर होकर कांपते हुए जागेंगे. यह पैन-इंडिया डायरेक्टर्स को भी अपनी कुर्सियों पर बैठे-बैठे थरथरा देगा,वे डायरेक्टर्स जो आज भी यह मानते हैं कि किरदारों की पहचान उनके हेयरस्टाइल, कॉस्ट्यूम, फ़ोटोशॉप किए हुए सिक्स-पैक और डिज़ाइनर कपड़ों से होती है, न कि उनकी अंदरूनी मनोवैज्ञानिक गहराई से.”
राम गोपाल वर्मा ने पहले भी की थी धुरंधर 2 की तारीफइससे पहले भी राम गोपाल वर्मा ने 'धुरंधर' की तारीफ़ की थी और इसकी तुलना 'शोले' और 'मुग़ल-ए-आज़म' जैसी कल्ट क्लासिक्स से की थी. उन्होंने स्टीवन स्पीलबर्ग और क्रिस्टोफर नोलन जैसे फ़िल्ममेकर्स से भी इस फ़िल्म का 'पहला दिन, पहला शो' देखने की गुज़ारिश की थी.
