जब से बॉलीवड एक्टर रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर की फिल्म 'डॉन 3' से किनारा किया है, तब से वो लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. अचानक फिल्म छोड़ने की वजह से फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एप्लॉय्ज ने एक्टर पर बैन लगा दिया है. FWICE ने एक्टर के खिलाफ नॉन-कॉपरेशन नोटिस जारी कर दिया है. मामला सुलझने तक रणवीर के साथ फेडरेशन से जुड़े लोग काम नहीं करेंगे. अब बॉलीवुड के दिग्गज डायरेक्टर राम गोपल वर्मा ने रणवीर सिंह पर लगे बैन पर रिएक्ट किया है. इसके साथ उन्होंने FWICE को खरी-खोटी सुनाई है.
'FWICE पर बैन लगाओ, रणवीर सिंह पर नहीं'राम गोपाल वर्मा ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, 'FWICE पर बैन लगाओ, रणवीर सिंह पर नहीं. गांधीजी के स्टाइल में किया गया यह तथाकथित 'बैन' या नॉन-कोऑपरेशन, आखिरकार FWICE पर ही एक बड़ा मजाक बनकर रह जाएगा. ये वैसा 'इंडस्ट्री या वर्कर प्रोटेक्शन' नहीं है, जैसा ये दावा कर रहे हैं. ये सिर्फ एक दिखावटी ताकत का प्रदर्शन है, एक बेहद पुराने यूनियन सिस्टम का, जो किसी तरह अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रहा है. चाहे ये 5 लाख या 50 लाख वर्कर्स की बात करें, कड़वी सच्चाई ये है कि उनमें से ज्यादातर लोगों को इस विवाद की असली अंदरूनी बातों का पता तक नहीं है.'
उन्होंने आगे लिखा, 'FWICE न तो कोई अदालत है और न ही सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कोई रेगुलेटरी बॉडी. ज्यादा से ज्यादा इसे एक कंगारू कोर्ट कहा जा सकता है, जहां न्याय का दिखावा होता है, लेकिन असल में कानून, प्रक्रिया और निष्पक्षता को नजरअंदाज किया जाता है. क्योंकि फैसले अक्सर पहले ही कुछ खास एजेंडा वाले लोगों की बंद कमरे में बैठकों में तय हो जाते हैं, जिनमें कुछ ऐसे एक्टर्स भी शामिल होते हैं, जो रणवीर सिंह की 'धुरंधर' में सफलता से घबराए हुए हैं.'
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FWICE कहां से बीच में आ गया?ये FWICE के लिए एक बड़ा PR डिजास्टर साबित होगा, क्योंकि ये उनकी हताशा और पुरानापन दोनों को दिखाता है. सबसे पहले, उनके इस दावे को गलत साबित करना जरूरी है कि लाखों वर्कर्स की रोजी-रोटी किसी एक एक्टर या एक प्रोजेक्ट पर निर्भर होती है. यहे पूरी तरह से गलत है और सोशल मीडिया पर डर का माहौल बनाने की कोशिश है. इस पूरे मामले के केंद्र में एक प्रोड्यूसर का दावा है कि उसे प्री-प्रोडक्शन में भारी नुकसान हुआ है, लेकिन ये दो पक्षों के बीच का एक निजी कॉन्ट्रैक्ट विवाद है, जो हर बिजनेस में आम बात है. फिर ऐसे हर मामले में FWICE कहां होता है?'
उन्होंने आगे लिखा, 'सच तो ये है कि इस विवाद की बारीकियां सिर्फ वही दो पक्ष जानते हैं. इसलिए इसे एक सामान्य सिविल मामले की तरह ही देखा जाना चाहिए और अगर मामला कोर्ट में जाता है तो फैसला जज को करना चाहिए. अगर ये टेक्नीशियनों के समय और मेहनत की बर्बादी का मामला है, तो मैं चुनौती देता हूं कि कोई भी टेक्नीशियन सामने आए, सबूत दे और खुलेआम रणवीर सिंह को दोषी ठहराते हुए यह कहे कि वो आगे कभी उनके साथ काम नहीं करेगा.'
'इंडस्ट्री सितारों की वजह से है'राम गोपाल वर्मा आगे लिखते हैं, 'जहां तक उस प्रोड्यूसर के नुकसान की बात है, तो ये FWICE के वर्कर्स का नहीं, बल्कि इंडस्ट्री के दूसरे प्रोड्यूसर्स का मामला है कि वो रणवीर सिंह के साथ काम करना चाहते हैं या नहीं. अब आते हैं सबसे अहम बात पर, जिसे हर कोई दिल से जानता है, FWICE भी और विवाद करने वाली कंपनी भी. अगर रणवीर सिंह सिर्फ 'हां' कह दें, तो अगले ही दिन उनके घर के बाहर प्रोड्यूसर्स की लंबी लाइन लग जाएगी, हाथ में चेक लेकर, चाहे FWICE कुछ भी कहे. क्योंकि सच्चाई यही है कि थिएटर में टिकट सितारे बेचते हैं, FWICE नहीं. रोजगार सितारे पैदा करते हैं, FWICE नहीं. इंडस्ट्री सितारों की वजह से है, और उसी वजह से FWICE भी है. अंत में, मेरी एक सलाह- 'दो पक्षों के बीच के एक सिविल विवाद में बेवजह दखल न दें.'
2023 में हुआ था 'डॉन 3' का ऐलानबता दें कि साल 2023 में रणवीर सिंह को लेकर फरहान अख्तर ने फिल्म 'डॉन 3' का ऐलान किया था. फिल्म में देरी हुई तो एक्टर ने 'धुरंधर' की शूटिंग शुरू कर दी. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई. रणवीर के 'डॉन 3' छोड़ने की वजह क्रिएटिव मतभेत बताए गए.
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