Quick Review: इन 4 कारणों के लिए देखी जा सकती है आलिया भट्ट की फिल्म Raazi
ABP News Bureau | 11 May 2018 04:22 PM (IST)
हरिंदर सिक्का की किताब 'कॉलिंग सहमत' पर आधारित है मेघना गुलज़ार की फिल्म 'राज़ी'. एबीपी न्यूज पर पढ़िए फिल्म का क्विक रिव्यू
मुंबई: हरिंदर सिक्का की किताब 'कॉलिंग सहमत' पर आधारित है मेघना गुलज़ार की फिल्म 'राज़ी'...कहानी है एक 20 साल की लड़की की जो 1971 में भारत पाकिस्तान की तनाव पूर्ण स्तिथि के दौरान अपने देश भक्त पिता वाहिद हिदायत ( रजत कपूर) के ख्वाहिश पर एक मिशन के तहत भारत से पाकिस्तान ब्याही जाती है जिसे पाकिस्तान में मुखबिर के तौर पर भारत की आँख और कान बनाया जाता है. सहमत (अलिया भट्ट) एक आम लड़की है...जिसे हिंदुस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी के ऑफ़िसर खालिद मीर ( जयदीप अहलावत) पाकिस्तान जाने से पहले सुरक्षा और सावधानी की ट्रेनिंग और जासूसी के पैतरे सिखाते हैं. फहमत अपने पिता के दोस्त और पाकिस्तानी सेना के ब्रिगेडियर के बेटे इक़बाल ( विक्की कौशल ) से निकाह कर पाकिस्तान चली जाती है. यहाँ से शुरू होता है सहमत का एक नया सफर. मुखबिरी के इस सफर में सहमत अपने रास्ते में आने वाले हर एक रोक को हटाने में कोई कसर नहीं छोड़ती. इस सिलसिले में अपने प्यार विश्वास...रिश्तों को भी उसे दांव पर लगाना पड़ता है...उसका एक ही मिशन था...वतन के आगे कुछ भी नहीं... क्यों देखें... 1. 'तलवार' के बाद मेघना गुलज़ार ने एक बार फिर ये दिखाया की एक संवेदनशील विषय को तरह सहज और साधारण तरीके से पेश करना चाहिए. हर एक किरदार की अहमियत और ग्राफ ऐसा की हर किरदार याद रहे... 2. आलिया भट्ट ने 'राज़ी' में बाकायदा सहमत को जिया है. आलिया फिल्म दर फिल्म उभरती जा रही हैं और आज की तारिख में वह सुपर स्टार हैं जो अपने कंधे पर किसी भी किरदार की ज़िम्मेदारी ले सकती हैं. 3. 'राज़ी' में जयदीप अहलावत ( इंटेलेजन्स ऑफिसर) हों या आरिफ ज़करिया (अब्दुल का किरदार)...रजत कपूर (सहमत के पिता)...शिशिर शर्मा (ब्रिगेडियर) या फिर विक्की कौशल (सहमत के पति), अमृता खानवलकर और सहमत की माँ के रूप में रियल लाइफ माँ सोनी राज़दान सभी ने अपने किरदारों में छाप छोड़ा है. 4. गुलज़ार का लिखा और अरिजीत सिंह और सुनिधि चौहान का गाया हुआ देश भक्ति गाना 'मेरे वतन' बहुत खूबसूरत है और हमेशा याद किया जायेगा. 'राज़ी' ज़रूर देखें क्यूंकि ऐसी फिल्में कम बनती हैं और इस फिल्म के ज़रिए सहमत की देश के प्रति प्रेम और मज़बूत इरादों का सबब समझने का मौका ज़रूर मिलेगा...