आशा भोसले के निधन के कुछ ही हफ्तों बाद भारतीय संगीत जगत को एक और बड़ा झटका लगा है. दरअसल अपनी मधुर आवाज से कई पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करने वालीं दिग्गज प्लेबैक सिंगर सुमन कल्याणपुर का रविवार, 31 मई को 89 साल की उम्र में निधन हो गया.उनके निधन की खबर के बाद से म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है. तमाम फैंस और सेलेब्स सहित कई नेताओं ने भी दिग्गज सिंगर को श्रद्धांजलि दी है. 

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कल्याणपुर अपने पीछे छह दशकों से ज्यादा की संगीत विरासत छोड़ गई हैं. उन्होंने "आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे", "ना ना करते प्यार तुम्हीं से", "तुमने पुकारा और हम चले आये" जैसे सदाबहार बॉलीवुड हिट और कई अन्य यादगार गीतों को अपनी आवाज दी थी इसके साथ ही उन्होंने इंडियन प्लेबैक सिंगिंग में अपने लिए एक खास जगह बनाई थी. उनके मराठी क्लासिक्स, जिनमें "केतकिच्य बानी तिथे", "संग कढ़ी कलनार तुला" और "निम्बोन्याच्या झाड़माघे" शामिल हैं, संगीत प्रेमियों की पीढ़ियों द्वारा आज भी याद किए जाते हैं. 

बॉलीवुड से राजनीति जगत के दिग्गज जता रहे शोकसुमन कल्याणपुर के निधन के बाद से बॉलीवुड से लेकर राजनीति जगत के दिग्गज उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. वरिष्ठ एनसीपी नेता शरद पवार और सिंगर फैयाज ने सबसे पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सिंगर के निधन पर शोक जाहिर किया.

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शरद पवार ने एक्स पर लिखा, "सुमन कल्याणपुर के निधन की खबर बेहद दुखद है. अपनी मधुर, सुरीली और भावपूर्ण आवाज से उन्होंने भारतीय संगीत जगत को समृद्ध किया. हिंदी, मराठी और कई अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में उनके अमर गीतों ने पीढ़ियों के दिलों पर अपना प्रभाव जमाया है. उनके निधन से इंडियन क्लाइसिक और लाइट म्यूजिक के एक गोल्डन एरा का अंत हो गया है. मैं उन्हें हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं."

 

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी जताया शोकसीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी एक्स पर पोस्ट कर सिंगर के निधन पर शोक जाहिर किया. उन्होंने लिखा, “ दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन से भारतीय संगीत जगत की एक मधुर, सुरीली और दिल को छू लेने वाली आवाज हमेशा के लिए शांत हो गई है. छह दशकों से ज्यादा समय तक उन्होंने अपनी अद्वितीय गायकी से संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया. मराठी, हिंदी, बंगाली, ओडिया और अन्य भाषाओं में उनके अमर गीत संगीत जगत के लिए एक अनमोल खजाना बने रहेंगे.

पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित सुमन जी ने अपनी जादुई आवाज से भारतीय संगीत को समृद्ध किया. उनके गीतों की मधुरता और भावपूर्ण अभिव्यक्ति हमेशा स्मृतियों में बसी रहेगी. उनका निधन संगीत जगत के लिए एक गहरा नुकसान है. मैं उन्हें अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. हम उनके परिवार के शोक में शामिल हैं. ॐ शांति!”

 

मोहम्मद रफी के साथ गाए कई गानेबता दें कि  सिनेमा सुमन कल्याणपुर की यात्रा 'शुक्रची चांदनी' और 'मंगू' (1954) जैसी फिल्मों से शुरू हुई थी. उन्होंने 'शराबी शराबी ये सावन का मौसम', 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे', 'ना ना करते प्यार', 'ना तुम हमें जानो', 'परबतों के पेड़ों पर' और 'निम्बोनीच्या झाड़ा मागे' जैसे कई सदाबहार गीतों को अपनी आवाज दी. मोहम्मद रफी के साथ उनके कोलैबोरेशन को काफी पॉपुलैरिटी मिली थी. सुमन कल्याणपुर ने अपने करियर में 800 से ज्यादा गाने आए थे और उन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था. 

लता मंगेशकर से मिलती थी सुमन की आवाजसुमन कल्याणपुरी की आवाज लता मंगेशकर की आवाज से इतनी मिलती-जुलती थी कि उन्हें सुनने वाले अक्सर कंफ्यूज हो जाते थे. उन्होंने दशकों तक संगीत के क्षेत्र में शानदार योगदान दिया और अपनी एक अलग पहचान बनाई. 28 जनवरी, 1937 को अविभाजित भारत के हिस्से ढाका में जन्मीं सुमन हिंदी और मराठी सिनेमा की सबसे फेमस प्लेबैक सिंगर्स  में से एक बनीं. फिल्मों में गाने गानें के अलावा उन्होंने भजन, ग़ज़ल, मराठी अभंग और भावगीत भी गाए, जो एक कलाकार के रूप में उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाते हैं.

मुंबई के सेंट कोलंबस स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, सुमन ने शुरुआत में पेंटिंग की पढ़ाई की थी और सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट में दाखिला लिया. हालांकि, म्यूजिक जल्द ही उनका जुनून बन गया. उन्होंने  कई फेमस गुरुओं से ट्रेनिंग ली इनमें पंडित केशवराव भोले, उस्ताद खान अब्दुल रहमान खान और उस्ताद नवरंग शामिल हैं. इनके मार्गदर्शन में सुमन ने एक शानदार करियर की नींव रखी. सुमन ने 1958 में बिजनेसमैन रामानंद कल्याणपुर से शादी की थी. उनके परिवार में उनकी बेटी चारू अग्नि हैं.