मुंबई : राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता फिल्मकार मधुर भंडारकर का कहना है कि आपातकाल के बारे में इतने सालों में बहुत कुछ लिखा और कहा गया है, फिर जब कोई इस विषय पर फिल्म बनाता है, तो उसे कानूनी झमेले का सामना क्यों करना पड़ता है?
भंडारकर ने ट्वीट किया, "42 सालों से 1975 के आपातकाल के बारे में बहुत कुछ कहा गया और प्रकाशित हुआ, लेकिन सिर्फ जब कोई फिल्म इस विषय पर बनती है तो अदालत में घसीटने की धमकी दी जाती है." उन्होंने यह टिप्पणी अपनी आगामी फिल्म 'इंदु सरकार' के संदर्भ में की, जो आपातकाल पर आधारित है.भंडारकर ने पूछा 'फिल्मों के लिए ही कानूनी झमेला क्यों'
एजेंसी | 01 Jul 2017 04:25 PM (IST)