संजीव कपूर को जड़ा था थप्पड़, अपनी मां को कोर्ट तक घसीटा, फिर कैंसर ने ली थी इस दिग्गज एक्ट्रेस की जान
इस एक्ट्रेस ने अपनी दमदार एक्टिंग के दम पर लोगों के दिलों पर राज किया और कई अवॉर्ड भी जीते थे. हालांकि इनकी पर्सनल लाइफ काफी विवादों में रही थी. इन्होने अपनी मां को कोर्ट तक घसीटा था.

Nutan Death Anniversary: इस अभिनेत्री ने लगभग चार दशकों तक स्क्रीन पर अपनी शानदार एक्टिंग का जादू चलाया था, 80 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर उन्होंने कई अवॉर्ड भी अपने नाम किए. प्रोफेशनल लाइफ में बेहद सक्सेसफुल रही इस अभिनेत्री की पर्सनल जिंदगी काफी विवादों में रही थी यहां तक कि उन्होंने अपनी मां के खिलाफ कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी और इन्होंने संजीव कुमार को सरेआम थप्पड़ भी रसीद कर दिया था. फिर एक खतरनाक बीमारी की वजह से इनकी दर्दनाक मौत हो गई थी.
हम जिस अभिनेत्री की बात कर रहे हैं वो कोई और नहीं नूतन बहल हैं. नूतन ने हिंदी सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी थी. अपने समय की बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक मानी जाने वाली नूतन को महिला-केंद्रित भूमिकाओं और मुश्किल किरदारों को आसानी से निभाने के लिए जाना जाता था. भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें 1974 में देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया था.
फिल्मी परिवार से थीं नूतन
बॉम्बे में फिल्म निर्माता कुमारसेन समर्थ और अभिनेत्री शोभना समर्थ के घर जन्मी नूतन एक मराठी परिवार से थीं और अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ी थीं. नूतन अपनी बहन तनुजा और भाई जयदीप के साथ पली-बढ़ीं. बचपन में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था. एक बार, उनके रूप-रंग के बारे में एक फैमिली फ्रेंड ने काफी खराब कमेंट किया था जिससे नूतन टूट गई थीं. हालांकि, उनकी मां, शोभना ने उन्हें समझाया और उनके मन में यह विश्वास जगाया कि 'बदसूरत बत्तख' एक 'सुंदर हंस' में बदल जाएगी. इस भरोसे ने नूतन के आत्मविश्वास को आकार दिया जैसे-जैसे वह बड़ी हुई, उन्होंने उन सभी को गलत साबित करने की कसम खाई जिन्होंने कभी उनके रंग-रूप का मजाक उड़ाया था.
14 साल की उम्र में शुरू कर दी थी एक्टिंग
नूतन ने महज 14 साल की उम्र में हमारी बेटी (1950) से अपनी एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. फिर सीमा (1955) जैसी फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा में पहचान दिला दी. इसके लिए उन्होंने अपना पहला फिल्मफेयर पुरस्कार भी जीता था. उन्होंने सुजाता (1959), बंदिनी (1963), मिलन (1967) और मैं तुलसी तेरे आंगन की (1978) के लिए चार और बेस्ट अभिनेत्री के पुरस्कार जीते, जिनमें अनाड़ी (1959) और सरस्वतीचंद्र (1968) जैसी शानदार फिल्में भी शामिल हैं.

नूतन ने रजनीश बहल से की थी शादी
नूतन ने 11 अक्टूबर 1959 को भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट-कमांडर रजनीश बहल से शादी की और उनका एक बेटा मोहनीश है, जो अब एक फिल्म अभिनेता हैं. हालांकि नूतन के पति की 2004 में उनके अपार्टमेंट में आग लगने की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी.
View this post on Instagram
नूतन ने संजीव कुमार को क्यों जड़ा था थप्पड़
नूतन अपनी प्रोफेशनल लाइफ में बेहद सक्सेसफुल रही लेकिंन उनकी पर्सलन लाफ विवादों से भरी रही थी. वहीं एक फिल्म में साथ काम करने के दौरान संजीव कुमार के साथ उनके अफेयर की अफवाहें फैल गई थी. दरअसल 1969 में फिल्म देवी में नूतन और संजीव कुमार साथ काम कर रहे थे. इस दौरान दोनों की दोस्ती हो गई थी और फिर इनके अफेयर के रूमर्स फैल गए. नूतन को ये बात रास नहीं आई. वहीं सेट पर जब एक मैग्जीन में नतून ने अपने और संजील कुमार के अफेयर के बारे में पढ़ा तो वे गुस्से से आग बबूला हो गईं और वे सीधे संजीव कुमार के पास पहुंचीं और उन्हें सरेआम सबके सामने थप्पड़ जड़ दिया. इसके बाद ये भी अफवाहें फैली थीं कि अपने पति राजेश बहल के कहने पर नूतन ने संजीव कुमार को थप्पड़ मारा था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नूतन और उनके पति राजेश का मानना था कि संजीव कुमार ने ही एक्ट्रेस संग झूठी अफेयर की खबरें उड़ाई थीं
बाद में, एक इंटरव्यू में, नूतन ने कहा था, "मेरे द्वारा संजीव कुमार को थप्पड़ मारने की घटना काफी चर्चित रही. उन्होंने अफेयर के बारे में बहुत ही लापरवाह, गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया था इससे मैं गुस्सा हो गई... मुझे उन्हें उनकी जगह पर रखना पड़ा. मुझे जो कहना था, कहने के बाद मैं शांत हो गई और कहा, 'चलो सीन खत्म करते हैं."

नूतन ने अपनी मां को कोर्ट में घसीटा था
समय के साथ नूतन के उनके परिवार के साथ रिश्ते भी तनावपूर्ण हो गए थे. नूतन की मां शोभना समर्थ ने ही उन्हें बॉलीवुड में लॉन्च किया था लेकिन नूतन ने उनके खिलाफ बाद में हेरा-फेरी का केस दर्ज करा दिया था और अपनी मां के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी थी. नूतन ने बाद में खुलासा किया कि उनकी मां को अदालत में ले जाने का निर्णय दर्दनाक था लेकिन उनके परिवार के भविष्य की सुरक्षा के लिए यह जरूरी था. उनका अलगाव लगभग दो दशकों तक चला था. हालांकि 1983 में दोनों परिवारों के बीच सब ठीक हो गया था. ' मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस केस की वजह से नूतन और उनकी मां ने लगभग 20 सालों तक एक-दूसरे से बात नहीं की थी.
नूतन की दर्दनाक हुई थी मौत
नूतन की दर्दनाक मौत हुई थी. उन्हें 1990 में ब्रेस्ट कैंसर डायग्नोज किया गया था. फरवरी 1991 में, गरजना और इंसानियत की शूटिंग के दौरान वे बीमार पड़ गई थीं जिसके बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 21 फरवरी 1991 को दोपहर 12:07 बजे उनकी निधन हो गया था.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























