नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिग्गज डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के साथ फिल्म ‘पद्मावती’ की जयपुर में शूटिंग के दौरान शुक्रवार को हाथापाई और मारपीट हुई. जयगढ़ किले में फिल्म की शूटिंग के दौरान करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए भंसाली को थप्पड़ जड़ दिया और उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की.

अब इस घटना पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि संजय लीला भंसाली के साथ हाथापाई करना और फिल्म की शूटिंग बाधित करना बहुत आपत्तिजनक है. नायडू ने कहा कि उन्होंने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से बात की है और उनसे जरूरी कार्रवाई करने को कहा है.

वेंकैया नायडू ने ट्वीट कर कर यह सारी बाते कही है.

क्यों हो रहा है विरोध?

हंगामा करने वाले संगठन करणी सेना का दावा है कि संजय लीला भंसाली ने अपनी फिल्म पद्मावती में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के बीच एक बेहद आपत्तिजनक सीन डाला है. इस सीन में अलाउद्दीन खिलजी एक सपना देखता है जिसमें वो रानी पद्मावती के साथ है. करणी सेना का दावा है कि वास्तव में खिलजी और पद्मावती ने कभी एक दूसरे को आमने सामने देखा तक नहीं और इतिहास की किसी किताब में भी इस तरह के किसी सपने का कोई जिक्र नहीं है. हालांकि इतिहासकार इरफान हबीब के मुताबिक पद्मावती का किरदार ही काल्पनिक है.

करणी सेना खुद को राजपूतों के हितों का रक्षक बताती है और राजस्थान में काम करती है. करणी सेना का दावा है कि रानी पद्मावती राजपूत थीं और उनकी छवि फिल्म में गलत तरीके से दिखाई गई इसलिए उसने प्रदर्शन किया.