नई दिल्ली: शाहरुख खान बॉलीवुड के सबसे अमीर अभिनेताओं में से एक हैं और एक बड़ा प्रोडक्शन हाउस चलाते हैं लेकिन उनके हिसाब से रुपया मायने नहीं रखता क्योंकि उनका मानना है कि अगर वह उन्हें सुपर स्टार बनाने वाले फिल्म कारोबार में किसी तरह का योगदान नहीं कर सकते तो उनकी आर्थिक प्रगति का कोई मतलब नहीं है.
अभिनेता खुद को एक चालाक कारोबारी कहने से गुरेज नहीं करते हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि अपने करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने जो रूपए कमाये थे वह उन्हें खुश करने के लिए काफी थे और अब वह जो कमाते हैं उसे भारतीय सिनेमा के विकास में निवेश करने की इच्छा रखते हैं.
शाहरुख ने कहा, ‘‘मेरे लिए धन के कोई मायने नहीं हैं और मुझे यह कहने में कोई गुरेज नहीं है. मैं इसके बारे में मजाक कर सकता हूं या धन के बारे में बात कर सकता हूं. लेकिन मेरे लिए इसका कोई मतलब नहीं. मैंने बहुत छोटे स्तर से शुरूआत की और अपने दिल्ली के दिनों को बहुत अच्छा नहीं मानता हूं. मैं निम्न मध्यम वर्गीय घर से आया हूं. मेरे लिए लाख रुपया का कमाने का मतलब लखपति बनना था. जब मैं मुंबई गया था तो मुझे विचार आया था...कि लखपति बनने के बाद मैं रिटायर हो जाऊंगा. इस हिसाब से तो मैं कल ही रिटायर हो सकता हूं.’’
शाहरुख ने इकोनॉमिक टाइम्स ग्लोबल बिजनेस समिट के दौरान यह बात कही.
आपको बता दें कि इन दिनों शाहरूख खान अपनी फिल्म ज़ीरो में बिजी हैं. ये फिल्म बॉलीवुड की बाकी फिल्मों से बहुत ही अलग है क्योंकि इसमें शाहरुख वो किरदार निभाने वाले हैं जो आज तक कोई भी बॉलीवुड सुपरस्टार नहीं निभा पाया. इस फिल्म में शाहरूख एक बौने का किरदार निभाते दिखाई देंगे. इस फिल्म को आनंद एल. राय डायरेक्टर कर रहे हैं. राय के मुताबिक, यह एक ऐसी कहानी है जो किसी की जिंदगी की खामियों का जश्न मनाती है. इसमें शाहरूख के साथ कैटरीना कैफ और अनुष्का शर्मा भी नज़र आएंगी.
फिल्म इस साल 21 दिसंबर को रिलीज होगी.
