मुंबई: फिल्म जगत में अपने करीब दो दशक के करियर में मनोज बाजपेयी ने कई अवॉर्ड अपने नाम किए हैं लेकिन अभिनेता का मानना कि ये आपको और काम दिलाने के वादे के साथ नहीं आते लेकिन असली प्रतिभा को पहचान जरूर देते हैं. हाल ही में 10वें ‘एशिया पैसिफिक स्क्रीन अवार्ड’ (एपीएसए) में मनोज को फिल्म ‘अलीगढ़’ में निभाए उनके किरदार के लिए ‘बेस्ट परफरेमेंस अर्वाड’ मिला था. मनोज ने कहा, ‘‘भारत में हमे ऐसे अवॉर्डों का आयोजन करना चाहिए जिसमें एशिया की फिल्मों को देखकर उन्हें सम्मानित किया जाए. अवॉर्ड आपको काम नहीं दिलाते लेकिन यह वह क्षण होता है जिसमें आपकी प्रतिभा को पहचान मिलती है. यहां तक कि ऐसे मंच पर नामित होना भी अवॉर्ड से कम नहीं है.’’ ‘अलीगढ़’ को मिले तमाम अवॉर्डों का जश्न मनाने के लिए रखी गई एक विशेष पार्टी के दौरान 47 साल के अभिनेता ने यह बयान दिया. निर्देशक हंसल मेहता की इस फिल्म में मनोज ने प्रोफेसर श्रीनीवास रामचंद्र सिरस का किरदार निभाया था. यह एक समलैंगिक व्यक्ति कि कहानी है जो पूर्वाग्रहों से ग्रस्त समाज में खुद को निस्सहाय पाता है. मनोज जल्द ही फिल्म ‘सत्या’ के निर्देशक राम गोपाल वर्मा के साथ 14 साल बाद एक बार फिर ‘सरकार3’ में काम करेंगे. अभिनेता ने कहा ‘‘ ‘नाम शबाना’ में मेरी एक विशेष भूमिका है. इसके अलावा कई सालों बाद मैं रामू की फिल्म करने वाला हूं. मैं काफी खुश हूं कि ‘सरकार 3’ में मेरी एक विशेष भूमिका है. ’’