हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है. दिवंगत दिग्गज एक्टर राजेंद्र कुमार की पत्नी और एक्टर कुमार गौरव की मां शुक्ला कुमार का निधन हो गया है. बता दें कि शुक्ला कुमार लाइमलाइट से दूर रहती थीं.उनके जाने से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा फिल्म जगत गहरे शोक में डूबा हुआ है.
10 जनवरी को होगी प्रेयर मीटटाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, परिवार की ओर से जानकारी दी गई है कि शुक्ला कुमार की आत्मा की शांति के लिए 10 जनवरी को प्रेयर मीट रखी गई है. इंडस्ट्री के कई जाने-माने चेहरे इस सभा में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे. शुक्ला कुमार के निधन के वजह क्या रही. इस बारे में अभी तक कोई खास जानकरी सामने नहीं आई है.
आपको बता दें शुक्ला कुमार के पति बॉलीवुड लीजेंड राजेंद्र कुमार का निधन करीब 35 साल पहले ही हो गया था. 12 जुलाई 1991 को 71 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हुआ था. बताया जाता है कि वे कैंसर से पीड़ित थे,लेकिन उन्होंने इसके लिए किसी भी तरह की दवा लेने से इनकार कर दिया था.
लाइमलाइट से रहती थीं दूर बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्ला कुमार हमेशा लाइमलाइट से दूर रहीं, लेकिन परिवार के लिए उनकी भूमिका बेहद अहम थी. उन्होंने अपने सामने हिंदी सिनेमा को बदलते, बढ़ते और नई ऊंचाइयों को छूते देखा. राजेंद्र कुमार के करियर के हर उतार-चढ़ाव में वे चट्टान की तरह उनके साथ खड़ी रहीं.
शुक्ला कुमार का फैमिली बैकग्राउंड काफी मजबूत हैं. फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े नाम रमेश बहल और श्याम बहल की बहन थीं. इस रिश्ते से वे गोल्डी बहल और रवि बहल की बुआ लगती थीं. यानी उनका नाता सिर्फ एक सुपरस्टार के परिवार तक सीमित नहीं था बल्कि पूरे फिल्मी जगत से जुड़ा हुआ था.
शुक्ला कुमार के परिवार में कौन-कौन? शुक्ला कुमार और राजेंद्र कुमार के तीन बच्चे थे. एक बेटा और दो बेटियां. उनके बेटे कुमार गौरव ने फिल्मों में कदम रखा और अपनी अलग पहचान बनाई. बेटी डिंपल की शादी हॉलीवुड फिल्म प्रोड्यूसर राजू पटेल से हुई जबकि दूसरी बेटी मनोरमा का विवाह प्रोड्यूसर ओ.पी. रहलान से हुआ.
राजेंद्र कुमार जिन्हें लोग प्यार से ‘जुबिली कुमार’ कहते थे. वह बॉक्स ऑफिस पर अपनी लगातार हिट फिल्मों के लिए मशहूर रहे. कहा जाता है कि मुंबई आने के बाद उन्होंने पांच साल तक निर्देशक एच.एस. रवैल के सहायक के रूप में काम किया. इस पूरे सफर में शुक्ला कुमार उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी रहीं.