Sunjay Kapur Property Dispute: सुप्रीम कोर्ट ने दी RIPL बोर्ड मीटिंग की इजाजत, संजय कपूर की मां और पत्नी से की ये खास अपील
Sunjay Kapur Property Dispute: करिश्मा कपूर के एक्स पति संजय कपूर की प्रॉपर्टी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड की 18 मई को होने वाली बोर्ड मीटिंग को इजाजत दी है.

दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की हजारों करोड़ की संपत्ति से जुड़े विवाद पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड की 18 मई को होने वाली बोर्ड मीटिंग को अनुमति दे दी है. हालांकि, कोर्ट ने यह साफ कर दिया कि मध्यस्थता प्रक्रिया जारी रहने तक कोई भी पक्ष ऐसा कदम न उठाए जिससे पूरे विवाद पर असर पड़े.
संजय कपूर की मां ने मीटिंग पर उठाई थी आपत्ति
संजय कपूर की मां रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस बोर्ड मीटिंग के आयोजन और उसके एजेंडा पर आपत्ति उठाई थी. उनकी मुख्य आपत्ति इस बात पर थी कि बोर्ड मीटिंग में दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति और कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता को बदलने पर भी चर्चा होगी. इस तरह से संजय की पत्नी प्रिया कपूर कंपनी पर अपने कब्जे को मजबूत करने का प्रयास कर रही हैं.
प्रिया कपूर के वकील ने क्या कहा?
प्रिया कपूर की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बताया कि इस बोर्ड मीटिंग का आयोजन कानूनी वजहों से जरूरी है. इस पर कोर्ट ने कहा कि आप मीटिंग का आयोजन करें, लेकिन कोई ऐसा कदम न उठाएं जिससे पूरे विवाद पर असर पड़ता हो.
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को आराम से सुलझाने की अपील की थी
ध्यान रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ को संजय कपूर संपत्ति विवाद में मध्यस्थ नियुक्त किया है और परिवार के सभी सदस्यों से कहा है कि वह खुले मन से मध्यस्थता प्रक्रिया में हिस्सा लें. बता दें कि संजय कपूर की मां रानी कपूर की उम्र का हवाला देते हुए अदालत ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान एक बार फिर झगड़ रहे परिवार के सदस्यों से मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने की अपील की थी.
कोर्ट ने कहा, “वह 80 साल की महिला हैं. हम सब खाली हाथ आए थे और खाली हाथ ही जाना होगा. हमारे पास सिर्फ हमारी आत्मा है. मामले को सुलझाने की इच्छाशक्ति होनी चाहिए. सिर्फ इसलिए मध्यस्थ के सामने मत जाइए क्योंकि अदालत ने हमें मजबूर किया है. आप सभी कोशिश कीजिए.”
रानी कपूर ने क्या लगाए हैं आरोप
बता दें कि दिवंगत बिजनेसमैन सुरिंदर कपूर की विधवा रानी कपूर ने अपने दिवंगत बेटे संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर और अन्य पर आरके फैमिली ट्रस्ट या रानी कपूर फैमिली ट्रस्ट नाम की एक ट्रस्ट संरचना बनाकर उन्हें पारिवारिक विरासत से वंचित करने का आरोप लगाया है. यह मुकदमा रानी कपूर द्वारा दायर एक मुकदमे से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि 2017 में स्ट्रोक होने के बाद, उनके दिवंगत बेटे संजय कपूर और प्रिया कपूर ने उनकी जानकारी के बिना, पारिवारिक संपत्ति को ट्रस्ट में ट्रांसफर करने वाले डॉक्यूमेंट्स पर साइन करने के लिए उन्हें बहकाया था. उन्होंने दावा किया है कि प्रशासनिक औपचारिकताओं की आड़ में कई डॉक्यूमेंट्स, जिनमें खाली कागज भी शामिल थे, पर साइन कराए गए.
पिछले साल जून में संजय कपूर की मौत के बाद विवाद और गहरा गया, जब रानी कपूर ने आरोप लगाया कि प्रिया कपूर ने सोना समूह के प्रमुख संस्थानों पर तुरंत नियंत्रण हासिल कर लिया. उनके अनुसार, परिवार की ज्यादातर संपत्ति प्रिया कपूर और उनके बच्चों के पास चली गई है, और उन्हें इससे वंचित कर दिया गया है.
करिश्मा कपूर के बच्चों को हाईकोर्ट से मिली थी राहत
संपत्ति के कंट्रोल से रिलेटेड अलग कार्यवाही दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित है. 30 अप्रैल को, हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों, समायरा (21) और कियान (16) को इंटरिम प्रोटेक्शन दिया था और प्रिया कपूर को संजय कपूर द्वारा छोड़ी गई संपत्तियों में थर्ड पार्टी राइट्स बनाने से रोक दिया था.
बता दें कि करिश्मा कपूर की पहले संजय कपूर से शादी हुई थी लेकिन बाद में उनका तलाक हो गया और संजय ने प्रिया कपूर से शादी कर ली थी. करिश्मा और संजय के दो बच्चे एक बेटा और एक बेटी हैं.


























