25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के जयंती पर ग्वालियर में खास कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस मौके पर कैलाश खेर अपनी गायकी से शहर के लोगों को एंटरटेन करने पहुंचे थे. लेकिन इस दौरान सिंगर ने भीड़ का ऐसा रूप देखा कि उन्होंने कॉन्सर्ट बंद करने का फैसला कर लिया. सोशल मीडिया पर यही बातें वायरल हुई कि सिंगर ने अपना कॉन्सर्ट कैंसल कर दिया. लेकिन अब कैलाश खेर ने खुद इस बात की सफाई दी.
'वो बेकाबू हो गए थे... 'सोशल मीडिया पर कई विडियोज वायरल हुए जहां भीड़ के हुड़दंग से परेशान हो कर कैलाश खेर को स्टेज से जाते हुए देखा गया. नेटीजंस कयास लगाते रहे कि सिंगर ने अपना शो कैंसल कर दिया. लेकिन अब फाइनली उन्होंने इन सभी अफवाहों पर चुप्पी तोड़ी है.
हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कैलाश खेर ने अपना शो बंद नहीं बल्कि उसे कुछ समय के लिए हॉल्ट किया था. उन्होंने कहा कि, 'देखिए वो बेकाबू हो गए थे, पर मैंने कॉन्सर्ट से वॉक ऑफ इसलिए किया था ताकि वो शांत हो जाए. '
'अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कैलाश खेर ने कहा कि अथोरिटीज अपनी पूरी कोशिश कर रहे थे लेकिन भीड़ ने बिलकुल नहीं सुनी. एक्साइटमेंट कहिए या जो भी कुछ वक्त के लिए वॉक ऑफ करना ही बेस्ट था.' मीडिया पोर्टल के रिपोर्ट में बताया गया कि कैलाश खेर ने इस सिचुएशन में गुस्सा या फ्रस्ट्रेशन दिखाने के बजाय शांत रहना ज्यादा जरूरी समझा और इसलिए थोड़ी देर के लिए उन्होंने अपना शो बंद कर दिया.
'एक्साइटमेंट को हैंडल करना आना चाहिए.... ' थोड़ी देर तक कॉन्सर्ट हॉल्ट करने के बाद कैलाश खेर ने फिर से अपना शो शुरू किया और उन्होंने अपने दमदार आवाज से समा बांध दिया. साथ ही अपने इस शो के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि, 'सब जम के नाचे खूब एंजॉय किया.
मेरा मेन कंसर्न था कि किसी को चोट नहीं लगनी चाहिए. मैं बिल्कुल क्लियर था कि अगर किसी को भी चोट लगती तो मैं कॉन्सर्ट कैंसल कर देता. एक्साइटमेंट को हैंडल करना आना चाहिए, चाहे ऑडियंस हो या परफॉर्मर्स सिचुएशन को प्रॉपर्ली हैंडल करना ही सबसे जरूरी होता है. ' सिंगर का यही कहना था कि लाइव इवेंट्स में काफी सावधानी बरतने की जरूरत पड़ती है.