मुंबई: हिंदी सिनेमा में अपने लाजवाब कॉमेडी और बेहतरीन संवाद लेखन के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता कादर खान अब इस दुनिया में नहीं हैं. बीते रोज़ कनाडा के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. कादर खान करीब 15-16 दिनों से वहां के अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन उनकी हालत बिगड़ती चली गई और उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. उनके जाने से बॉलीलुड में शोक की लहर है. हर कोई अपनी संवेदना प्रकट कर रहा है. इस बीच कादर खान के साथ दर्जनों फिल्मों में काम कर चुके दिग्गज अभिनेता गोविंदा का भी बयान सामने आया है. गम के इस लम्हें में उन्होंन एक ऑडियो संदेश जारी कर इस दुखद खबर पर अपनी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है.

दुख भरी आवाज़ में गोविंदा ने कहा, “जनाब कादर खान साहब आज हमारे बीच नहीं है, वो मेरे सिर्फ उस्ताद ही नहीं बल्कि, पिता की तरह थे. और ऐसी कैफियत थी उनके हाथों में कि जिस आर्टिस्ट के साथ वो रहे, साथ दिया, हाथ दिया. वो स्टार हुआ सुरपस्टार हुआ. ये पूरी फिल्म लाइन और मेरा घर परिवार, हब सब, ये सद अफसोस लफ्ज़ों में बयान नहीं कर सकते. मैं खुदा से दुआ करता हूं कि आपकी रूह को सुकून मिले, वो आपको जन्नत नसीब करवाए.

आपको बता दें कि गोविंद ने कादर खान के साथ दूल्हे राजा, राजा बाबू, कूली नंबर 1, राजाजी, आंखे, छोटे सरकार, साजन चले ससुराल, आंटी नंबर 1, जोरू का गुलाम, अनाड़ी नंबर 1, कुंवारा, हसीना मान जाएगी जैसी कई फिल्मों में अभिनय किया. इन दोनों की जोड़ी को बड़े परदे पर बहुत पसंद भी किया गया.

300 से ज्यादा फिल्मों में किया अभिनय कादर खान बॉलीवुड में साल 1973 से हैं. उन्होंने फिल्म 'दाग़' से हिंदी सिनेमा में कदम रखा. इस दौरान उन्होंने अपने करियर में हर तरह की फिल्में की. विलेन, कॉमेडियन, गंभीर किरदार से लेकर अंधे तक का रोल उन्होंने बखूबी निभाया. उन्होंने अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया और कई सुपरहिट फिल्मों के संवाद भी लिखे. खास बात ये है कि अमिताभ बच्चन की सबसे बड़ी हिट्स में शामिल शराबी, लावारिस, मुकद्दर का सिकंदर, अमर अकबर एंथनी, नसीब और सत्ते पे सत्ता जैसी फिल्मों के संवाद भी कादर खान की कलम से ही निकले थे.

अफगानिस्तान में हुआ था जन्म आपको बता दें कि 22 अक्टूबर 1937 को कादर खान का जन्म अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था. कादर खान ने अपने बचपन में बहुत उतार चढ़ाव देखे थे. कादर खान के पिता ने उन्हें और उनकी मां को छोड़ दिया था और फिर उनकी जिंदगी में उनके सौतेले पिता आए.

इन सब के बीच में कादर खान और उनकी मां को गरीबी और जिंदगी की मुश्किलातों का सामना करना पड़ा. लेकिन उन्होंने अपने दम पर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई. उन्होंने सिर्फ परदे पर ही नहीं, बल्कि परदे के पीछे भी काम किया है. वो एक बहुत अच्छे लेखक हैं और उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों के संवाद भी लिखे हैं.