सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने 26 अक्टूबर 2026 को फिल्ममेकर्स के लिए नई एडवाइजरी जारी की है. CBFC के CEO राजेंद्र सिंह के सिगनेचर वाली इस एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि अधूरी फिल्मों को सर्टिफिकेशन के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा. साथ ही, फिल्म का टाइटल बदला जा सकता है और उसकी पहले से घोषित रिलीज डेट को भी सर्टिफिकेशन के दौरान ध्यान में नहीं रखा जाएगा.
बता दें, ये फैसला ऐसे समय में आया है, जब CBFC के बोर्ड में 18 नए सदस्यों को शामिल करने का ऐलान किया गया है. साल 2017 के बाद पहली बार बोर्ड का गठन किया गया है. नए सदस्यों में प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी, सुनील शेट्टी, पल्लवी जोशी, रिकी केज और सुप्रिया यरलागड्डा जैसे नाम शामिल हैं.
CBFC ने फिल्ममेकर्स से मांगी फिल्म की फाइनल कॉपीअपनी नई एडवाइजरी में CBFC ने साफ किया है कि सर्टिफिकेशन के लिए जमा की जाने वाली फिल्म पूरी तरह तैयार होनी चाहिए. इसमें फाइनल ग्राफिक्स, बैकग्राउंड स्कोर, म्यूजिक और एक्सेसिबिलिटी फीचर्स समेत सभी जरूरी चीजें शामिल होनी चाहिए. अधूरी फिल्म, प्लेसहोल्डर ग्राफिक्स या किसी भी जरूरी चीज की कमी वाली एप्लीकेशन को नियमों के मुताबिक नहीं माना जाएगा. ऐसी एप्लीकेशन की प्रक्रिया में देरी हो सकती है या उसे रिजेक्ट भी किया जा सकता है. साथ ही, जिस दिन एप्लीकेशन को पूरी तरह तैयार मानकर मंजूरी दी जाएगी, उसी दिन को आवेदन मिलने की तारीख माना जाएगा.
अनाउंस टाइटल भी नहीं माना जाएगा फाइनलCBFC की एडवाइजरी के मुताबिक, प्रमोशन के दौरान इस्तेमाल किए गए या आवेदन में दिए गए फिल्म के टाइटल को अंतिम नहीं माना जाएगा. जांच करने वाली या रिवाइजिंग कमेटी फिल्म के टाइटल की समीक्षा कर सकती है और जरूरत पड़ने पर उसमें बदलाव भी कर सकती है. ये नियम सिनेमैटोग्राफ एक्ट, 1952 की धारा 5B(1) और सिनेमैटोग्राफ (सर्टिफिकेशन) रूल्स, 2024 के नियम 25 के तहत जारी गाइडलाइंस के अनुसार है.
रिलीज डेट के कारण होने वाली देरी के लिए CBFC नहीं होगा जिम्मेदार CBFC की एडवाइजरी में ये भी साफ किया गया है कि फिल्म की घोषित रिलीज डेट को सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया में ध्यान में नहीं रखा जाएगा. बोर्ड मौजूदा कानून और नियमों के तहत तय प्रक्रिया और समयसीमा के अनुसार ही फिल्म की जांच करेगा. इसमें एग्जामिनिंग और रिवाइजिंग कमेटी की समीक्षा और सर्टिफिकेशन भी शामिल है. एडवाइजरी के मुताबिक, फिल्ममेकर्स की अपनी तय की गई रिलीज डेट के कारण होने वाली देरी के लिए CBFC जिम्मेदार नहीं होगा.
फिल्ममेकर्स को सलाह दी गई है कि वे रिलीज से काफी पहले सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन करें, ताकि बोर्ड को फिल्म की जांच करने और जरूरी बदलावों के निर्देश देने का समय मिल सके.
