बॉलीवुड एक्ट्रेस अरुणा ईरानी (Aruna Irani) का जन्म एक ग़रीब परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम फरीदुन ईरानी था जो एक ड्रामा कंपनी चलाते थे. उनकी मां भी एक एक्ट्रेस थीं. अरुणा 8 बहन-भाईयों में सबसे बड़ी थीं. जब अरुणा ईरानी का जन्म हुआ तो उनके पिता को इस बात का दुख था कि उनके यहां लड़का पैदा नहीं हुआ. लड़का होता तो बड़ा होकर, परिवार की जिम्मेदारी उठाने में मेरा हाथ बटाता.

जब अरुणा थोड़ी बड़ी हुईं और इस बात का उन्हें पता चला तो कहीं ना कहीं अरुणा के दिल में ये बात घर कर गई और बचपन से ही उन्होंने अपने पिता की हर बात माननी शुरू कर दी. अरुणा ईरानी पढ़ाई में बहुत अच्छी थीं और डॉक्टर बनना चाहती थीं, लेकिन उनके पिता का मानना था कि लड़कियां अपने नाम का साइन कर ले उतनी ही पढ़ाई काफी है, इसी वजह से छठी क्लॉस के बाद अरुणा का स्कूल जाना बंद करवा दिया. पिता का हाथ बटाने के लिए अरुणा ने बाल कलाकार के रूप में फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया.  उन्हें जैसे भी किरदार मिलते रहे वो निभाती रहीं.

पिता के देहांत से लगभग एक महीना पहले जब अरुणा ईरानी ने अपने पैसों से 9 हजार रुपये में फिएट कार खरीदी तो उनके पिता की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था. अरुणा के पिता घंटों तक अपनी बालकनी से बेटी अरुणा की कार को देखते और रोते रहते थे. तब जाकर उनके मन मैं पछतावा हुआ कि क्यों, मैंने कहा था कि मेरे घर पहली संतान बेटा होती. मेरी अरुणा कई बेटों पर अकेली भारी है. अरुणा ईरानी ने अपनी मेहनत से साबित कर दिया कि उन जैसी बेटी जिस घर में हो, उस घर के पिता को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है.

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