बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार इन दिनों फिल्म 'भूत बंगला' की रिलीज को लेकर चर्चा में हैं. फिल्म को 40 दिन हो चुके हैं और इसकी कमाई अभी भी जारी है. वो बात अलग है कि ये अब लाखों की डिजिट में कमाई कर रही है. फिल्म वर्ल्डवाइड 250 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस कर चुकी है. आमतौर पर कोई फिल्म 100-200 करोड़ कमा लेती है तो लोग उसे हिट करार दे देते हैं लेकिन ट्रेड एक्सपर्ट्स कई बार इन फिल्मों को सेमी हिट या फिर एवरेज बताते हैं. ऐसे में अक्षय की 'भूत बंगला' के साथ भी कुछ ऐसा ही है. चलिए बताते हैं ये फिल्म अब तक क्यों हिट नहीं कहलाई और किसी फिल्म के हिट होने का ट्रेड फॉर्मूला क्या है.
'भूत बंगला' की कमाई और प्रॉफिट
अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी की फिल्म 'भूत बंगला' ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड्स तोड़े. रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका बजट 120 करोड़ था जबकि वर्ल्डवाइड कमाई दोगुना से ज्यादा हुई. लेकिन इंडिया नेट कलेक्शन 150 करोड़ के पार रहा. सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने 39 दिनों में वर्ल्डवाइड 260.97 करोड़ और इंडिया नेट कलेक्शन 174.85 करोड़ कमाए.
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इसी के साथ ही अगर फिल्म की 39 दिनों की कमाई के हिसाब से प्रॉफिट निकाला जाए तो ये भी कमाल का रहा है. इंडिया कलेक्शन के हिसाब से फिल्म ने 120 करोड़ के बजट में अब तक 45.7% प्रॉफिट कमा लिया है. लेकिन इसके बावजूद भी ये हिट की कैटेगरी में नहीं मार्क की गई है. हालांकि, पोस्ट कोविड इसे अक्षय की हिट फिल्मों में गिना जा रहा है.
क्या है फिल्मों के हिट होने का ट्रेड फॉर्मूला?
'भूत बंगला' 45.7% प्रॉफिट कमाने के बाद भी हिट की कैटेगरी में क्यों शामिल नहीं हो पाई अब इसे जानने के लिए पूरा ट्रेड फॉर्मूला समझना होगा कि किसी फिल्म को हिट की कैटेगरी में शामिल कब किया जाता है. क्योंकि किसी भी फिल्म के लिए सिर्फ बजट के जितनी कमाई ही कर लेना असल प्रॉफिट नहीं होता है. 'भूत बंगला' का 120 करोड़ का बजट बताया जाता है लेकिन कई बार इसमें सिर्फ प्रोडक्शन कॉस्ट शामिल होती है. जबकि फिल्म के प्रमोशन, मार्केटिंग, प्रिंट और एडवरटाइजिंग, रिलीज खर्च और स्टार्स की फीस का हिस्सा अलग से जुड़ा होता है. इस लिहाज से अक्षय की फिल्म का बजट 150 करोड़ या फिर उससे ज्यादा हो सकता है.
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मेकर्स को नहीं मिलता पूरा पैसा
यही नहीं, ट्रेड का सबसे बड़ा गणित ये है कि फिल्म के ग्रॉस कलेक्शन का पूरा पैसा मेकर्स को नहीं मिलता है. थियेटर में बिकने वाली हर टिकट का पूरा पैसा निर्माता के पास नहीं जाता है. इसमें थियेटर मालिक और डिस्ट्रीब्यूटर का भी हिस्सा होता है. बताया जाता है कि भारत में करीब 50 फीसदी हिस्सा थियेटर रखता है. ओवरसीज मार्केट में भी शेयर काटा जाता है. ऐसे में 260 करोड़ ग्रॉस कलेक्शन का शेयर काफी कम हो जाता है.
ट्रेड में कोई फिल्म कब कहलाती है हिट?
आमतौर पर फिल्म ट्रेड में वर्डिक्ट तय करने का अनऑफिशियल फॉर्मूला है, जिसमें फिल्म को अलग-अलग कैटेगरी में रखा जाता है. इसमें अगर फिल्म ने लागत निकाल ली तो वो 'एवरेज', थोड़ा मुनाफा कमाया तो 'सेमी हिट', अच्छा प्रॉफिट कमाया तो 'हिट' और कई गुना ज्यादा कमाई की तो 'ब्लॉकबस्टर' होती है. लेकिन ट्रेड मार्केट में अक्सर माना जाता है कि कोई फिल्म हिट की कैटेगरी में तब मार्क की जाती है जब उसका नेट कलेक्शन बजट का दोगुना होती है.
'भूत बंगला' कब होगी हिट की कैटेगरी में शामिल?
अब अगर बात की जाए 'भूत बंगला' की तो जैसे रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका बजट 120 करोड़ है लेकिन इसका नेट कलेक्शन 174.85 करोड़ है. मगर फिल्म ट्रेड के हिसाब से अगर फिल्म को हिट कैटेगरी में शामिल होना है तो इसका नेट कलेक्शन बजट का दोगुना यानी कि करीब 240 करोड़ हो. तब ट्रेड की वर्डिक्ट हिट होगी. किसी फिल्म के लिए केवल बजट वसूल कर लेना ही हिट नहीं होता है. हिट के लिए मार्केटिंग की कई चीजें होती हैं, जिसके बाद ये हिट कहलाती हैं.
