फिल्ममेकर करन जौहर ने ट्विटर पर सभी हस्तियों से इस मुद्दे पर खुलकर बोलने को कहा है. करन ने लिखा कि इस मुद्दे पर किसी को भी चुप रहने की जरूरत नहीं है. ददलानी ने लिखा, 'हमारे सर्वाधिक सम्मानित फिल्म निर्माताओं में एक संजय लीला भंसाली को सेट पर हमला किया गया. आशा करता हूं कि फिल्म उद्योग इसके खिलाफ एकजुट होगा.' उन्होंने कहा कि यदि उनके पास कोई मुद्दा था तो ऐतराज जताने के कानूनी तरीके हैं. शारीरिक हमला एक आपराधिक हरकत है जो धमकाने के लिए किया जाता है. पाकिस्तानी अभिनेत्री मावरा हुकैन ने भी ट्वीट किया- स्वामी ने लिखा, 'यदि अपराध का जवाब सजा से नहीं दिया जाता है तो अराजकता का पलड़ा भारी हो जाएगा. स्वतंत्रता के संरक्षण के लिए फौरन कानून व्यवस्था की जरूरत है. ' पंडित ने ट्वीट किया, 'मैं संजय लीला भंसाली की फिल्म पदमावती के सेट पर हमले की निंदा करता हूं.' अदाकारा हुमा कुरैशी ने लिखा कि वह इस हमले से स्तब्ध हैं. यह गुंडागर्दी अवश्य रूकनी चाहिए. वरिष्ठ अदाकारा सिमी ग्रेवाल ने ट्वीट किया, 'शर्मनाक..यहां क्या हो रहा है.' इस फिल्म के इस साल नवंबर में रिलीज होने का कार्यक्रम है. फिल्म बाजीराव मस्तानी में भंसाली के साथ काम कर चुकी प्रियंका चोपड़ा ने भी इस पर दुख जताया है. फिल्म एक्टर और निर्माता फरहान अख्तर ने ट्विटर पर लिखा, 'संजय लीला भंसाली के सेट पर हंगामा करने वाले कितने लोगों को सजा मिलती है इसका मुझे इंतजार रहेगा. अगर आपको पसंद नहीं कि वो क्या बना रहे हैं तो आप उनकी फिल्म मत देखो. इस तरह की हिंसा का क्या मतलब?' अनुष्का शर्मा ने लिखा, 'संजय लीला भंसाली के सेट आपको बता दें कि भंसाली पर अटैक करने वाले संगठन करणी सेना का दावा है कि संजय लीला भंसाली ने अपनी फिल्म पद्मावती में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के बीच एक बेहद आपत्तिजनक सीन डाला है.. इस सीन में अलाउद्दीन खिलजी एक सपना देखता है जिसमें वो रानी पद्मावती के साथ है.. करणी सेना का दावा है कि वास्तव में खिलजी और पद्मावती ने कभी एक दूसरे को आमने सामने देखा तक नहीं और इतिहास की किसी किताब में भी इस तरह के किसी सपने का कोई जिक्र नहीं है. हालांकि इतिहासकार इरफान हबीब के मुताबिक पद्मावती का किरदार ही काल्पनिक है.
