बॉलीवुड की मशहूर सिंगर आशा भोसले अब इस दुनिया में नहीं है. 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में उनका निधन हो गया और उन्होंने ब्रीच क्रैंडी अस्पताल में अंतिम सास ली है. 11 अप्रैल को अचानक तबीयत बिगड़ने से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. उनकी पोती जनाई ने उनकी बीमारी के बारे में बताया था.
किस बीमारी ने ली आशा भोसले की जान?
आशा के अस्पताल में एडमिट होने के बाद उनकी पोती जनाई ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर बताया था, 'मेरी दादी आशा भोसले को बहुत थकान और चेस्ट इंफेक्शन के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है.' वहीं डॉक्टरों के अनुसार, जब उन्हें अस्पताल लाया गया, तो उनकी हालत गंभीर थी. हालांकि, सभी ने पूरी कोशिश की उन्हें बचाने की, लेकिन मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण उनका निधन हो गया.
उनके निधन के बाद उनके बेटे आनंद भोसले ने मीडिया से कहा- आशा भोसले अब इस दुनिया में नहीं रहीं. उनके फैंस जो भी उन्हें आखिरी बार देखना चाहते है, वो कल 11 बजे उनके घर आ सकते हैं. आशा का अंतिम संस्कार शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में होगा.
इन गानों से मिली पहचान
बता दें, आशा भोसले ने अपने जीवन में कई संघर्षों और मेहनत के बाद खुद को साबित किया था और अपनी पहचान बनाई थी. उन्होंने 10 साल की उम्र में ही गाना शुरू कर दिया था और करीब 80 साल से ज्यादा संगीत जगत में सक्रिय रही. 1943 में उन्होंने अपना पहला मराठी गाना 'चला चला नव बाळा' गया था और इसके बाद 1948 में 'चुनरिया' फिल्म के 'सावन आया' गाने से बॉलीवुड में कदम रखा था. हालांकि, उन्हें असली पहचान 'मांग के साथ तुम्हारा' और 'उड़े जब जब जुल्फें' तेरी से मिली. उनके निधन के बाद पूरी इंडस्ट्री में मातम पसर गया है.
