सीजेपी और छात्रों द्वारा हो रहे प्रोटेस्ट को करीब 36 दिन बीत चुके हैं. इस प्रोटेस्ट में उनकी मांग थी कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दे दें. करीब 36 दिनों के प्रोटेस्ट के बाद अब उन्होंने इस्तीफा दे दिया है, जिससे युवाओं के बीच खुशी का माहौल हैं. इस प्रोटेस्ट में एक्ट्रेस शबाना आजमी ने उनका जमकर सपोर्ट किया और उनके साथ 'संसद चलो' मार्च में भी शामिल थीं. इसी बीच अब शबाना ने खुशी जताते हुए बच्चों की तारीफ की. 

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शबाना आजमी ने जताई खुशी 

हाल ही में पीटीआई के साथ बातचीत में शबाना ने कहा, 'मुझे हमारे देश के युवाओं पर गर्व है. मैं सच में उनके जज्बे को सलाम करती हूं. उन्होंने हमें दिखाया है कि हमारा संविधान ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है.' अब उनका ये बयान तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैं. जब शबाना आजमी बच्चों के साथ जंतर-मंतर पहुंचीं, तो उन्होंने लाठी चार्ज और आंसू गैस के हमले को भी देखा. उन्होंने पुलिस के इस कार्रवाई की आलोचना की और नाराजगी जताई. हालांकि मुंबई में हुए प्रोटेस्ट में वो नहीं जा सकीं और एक पोस्ट शेयर कर इसका कारण बताया. 

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मुंबई प्रोटेस्ट में नहीं जा सकीं शबाना आजमी 

उन्होंने प्रोटेस्ट की एक फोटो शेयर कर लिखा, 'मैं इस प्रदर्शन में शामिल होने वाली थी, लेकिन मुझे H1N1 स्वाइन फ्लू हो गया है. डॉक्टरों ने मुझे 5 दिनों तक आइसोलेशन में रखा है. हालांकि मुझे वहां की जानकारी मिल रही है और मैं आप सभी का समर्थन करती हूं. मैंने पहली बार किसी आंदोलन में हिस्सा लिया और पता चला कि एक आवाज में कितनी मायने होती है.' 

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धर्मेंद्र प्रधान ने ली थी जिम्मेदारी 

बता दें कि NEET एग्जाम पेपर लीक और हो रही गड़बड़ी के वजह से यह प्रदर्शन किया गया और सरकार से इसका समाधान करने की मांग की गई थी. अब धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे के समय कहा कि 'मेरा उद्देश्य हमेशा से शिक्षा में सुधार करना और युवाओं के भविष्य की जिम्मेदारी निभाना था. 3 मई को हुए NEET पेपर लीक के बाद सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दिए, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा ली गई. साथ ही अगले साल से कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट लेने का निर्णय लिया गया है.'

उन्होंने आगे कहा, 'सरकार के लिए सबसे जरूरी 20 लाख बच्चों को बिना परेशानी के एग्जाम दिलवाना है और मैंने शुरू से ही इसकी जिम्मेदारी ली थी. 16 जुलाई को आए NEET रिजल्ट में उन मेहनती छात्रों की कड़ी मेहनत दिखाई दे रही हैं, जिन्होंने दिल लगाकर अपनी पढ़ाई की. हालांकि इस बात से दुख है कि कुछ लोगो ने स्टूडेंट्स को गुमराह किया.'

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