Related Quiz
ओशो के अनुसार, मौन की शक्ति क्या है?
अपनी ऊर्जा को सुरक्षित रखते हुए, लोगों को अपनी ओर आकर्षित करना और अपनी उपस्थिति को असरदार बनाना।
दूसरों को डराने का एक साधन।
तुरंत प्रतिक्रिया देना बंद करके दूसरों के नियंत्रण में आना।
अपनी ऊर्जा को सुरक्षित रखते हुए, लोगों को अपनी ओर आकर्षित करना और अपनी उपस्थिति को असरदार बनाना।
चुप रहना और कायरता दिखाना।
तुरंत प्रतिक्रिया देने की आदत से बचने का क्या परिणाम है?
आपकी शक्ति लौटने लगती है और लोग समझने लगते हैं कि आपको आसानी से नियंत्रित नहीं किया जा सकता है।
आप दूसरों के नियंत्रण में आ जाते हैं और आपकी आंतरिक ऊर्जा खत्म हो जाती है।
आपकी शक्ति लौटने लगती है और लोग समझने लगते हैं कि आपको आसानी से नियंत्रित नहीं किया जा सकता है।
आप हमेशा के लिए दूसरों से अलग-थलग पड़ जाते हैं।
आप अधिक लोकप्रिय हो जाते हैं और अधिक मित्र बना लेते हैं।
Advertisement
ओशो के अनुसार, ज्यादा उपलब्ध होने का क्या नुकसान है?
आपकी शक्ति कम हो जाती है, लोग आपको इस्तेमाल करते हैं और आपको थकान और खालीपन का अनुभव होता है।
आपकी कीमत बढ़ जाती है और लोग आपकी कद्र करते हैं।
आप अधिक शक्तिशाली बन जाते हैं और दूसरों पर हावी हो जाते हैं।
आपकी शक्ति कम हो जाती है, लोग आपको इस्तेमाल करते हैं और आपको थकान और खालीपन का अनुभव होता है।
आप अधिक सामाजिक हो जाते हैं और कई नए दोस्त बनाते हैं।
ओशो के अनुसार, सच्चा मौन क्या है?
वह मौन जिसमें आप तय करते हैं कि किस बात को मानना है और किस बात को छोड़ना है, और अपनी ऊर्जा को सुरक्षित रखना है।
चुप रहना और कायरता दिखाना।
बिना कुछ सोचे-समझे चुप रहना।
वह मौन जिसमें आप तय करते हैं कि किस बात को मानना है और किस बात को छोड़ना है, और अपनी ऊर्जा को सुरक्षित रखना है।
दूसरों को नियंत्रित करने का एक तरीका।
ओशो के अनुसार, अपनी उपस्थिति को मूल्यवान बनाने का क्या अर्थ है?
अपनी ऊर्जा, मौन और उपस्थिति को कीमती बनाना, जिससे लोग आपकी ओर आकर्षित हों।
हमेशा दूसरों के लिए उपलब्ध रहना।
हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देना।
अपनी ऊर्जा, मौन और उपस्थिति को कीमती बनाना, जिससे लोग आपकी ओर आकर्षित हों।
दूसरों को खुश करने के लिए हर संभव प्रयास करना।
Your Score
2/10
Share
2/10