पश्चिम बंगाल के कूच बिहार दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के केशरीबारी इलाके में मंगलवार (31 मार्च) को बीजेपी उम्मीदवार के काफिले पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर हमला कर दिया. आरोप है कि इस दौरान बीजेपी उम्मीदवार के काफिले में शामिल एक वाहन में तोड़फोड़ की गई. एक बीजेपी कार्यकर्ता घायल हो गया. घायल पार्टी कार्यकर्ता का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

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कूच बिहार दक्षिण सीट से बीजेपी उम्मीदवार रथिंद्रनाथ बोस ने तृणमूल कांग्रेस पर हमले का सीधा आरोप लगाया है. हालांकि तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया है कि यह घटना जनता के आक्रोश का परिणाम थी. पुलिस के अनुसार बीजेपी उम्मीदवार अन्य पार्टी नेताओं के साथ चुनाव प्रचार समाप्त करके कूच बिहार लौट रहे थे.

बीजेपी कार्यकर्ता घायलआरोप है कि केशरिबारी क्षेत्र से गुजरते समय उनके काफिले पर हमला हुआ. हालांकि बीजेपी उम्मीदवार की गाड़ी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन काफिले की एक अन्य गाड़ी में तोड़फोड़ की गई. इस हमले में अजीत दास नाम का एक बीजेपी कार्यकर्ता घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए कूच बिहार जिले के महाराजा जितेंद्र नारायण मेडिकल कॉलेज ले जाया गया.

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बीजेपी उम्मीदवार रथिंद्रनाथ बोस ने क्या बतायाबीजेपी उम्मीदवार रथिंद्रनाथ बोस ने घटना को लेकर कहा कि आज सुबह हमें अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के लिए एक ग्रामीण क्षेत्र में जाना था. इसी बीच हमें अचानक सूचना मिली कि कुछ बाहरी उपद्रवियों ने उस क्षेत्र में हमारे पार्टी के झंडे फाड़ दिए हैं. उन्होंने झंडे उतारकर उनमें आग लगा दी. वहां भारी भीड़ जमा थी लेकिन उनमें से अधिकतर तितर-बितर हो गए. फिर भी कुछ लोग वहीं रुके रहे और हमने उनके साथ बैठक की.

बीजेपी उम्मीदवार ने आगे कहा कि वापसी करते समय हमने सड़क पर तृणमूल के कुछ उन्मादी गुंडों को हमारी ओर बढ़ते देखा. तृणमूल के झंडे लगे बांस के डंडों से लैस होकर उन्होंने हमला कर दिया. हमारी दो-तीन गाड़ियां किसी तरह वहां से निकल गईं, फिर उन्होंने एक खास गाड़ी को निशाना बनाया और उसकी सभी खिड़कियां तोड़ दीं. उन्होंने हमारे दो-तीन साथियों को भी बांस के डंडों से मारा, जिनमें से कुछ के सिर पर चोट आई, जबकि अन्य के कंधे पर वार किए गए.

क्या बोले तृणमूल कांग्रेस नेता अब्दुल जलीलउन्होंने पुलिस पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि कहीं भी एक भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आया. हमने पुलिस को पहले ही स्पष्ट रूप से सूचित कर दिया था कि हम उस स्थान पर जा रहे हैं. इस बीच तृणमूल कांग्रेस के नेता अब्दुल जलील अहमद ने कहा कि यह आरोप निराधार हैं. 

उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों में मनमाने ढंग से मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने को देखते हुए ऐसे विरोध प्रदर्शन जहां भी जाएंगे वहां होना तय है. हमारी पार्टी का इसमें कोई हाथ नहीं है. 

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