पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद बाद एक बार फिर राजनाति गरमा गई है. टीएमसी नेता शशि पांजा और कुणाल घोष नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर स्ट्रॉन्ग रूम के सामने धरने पर बैठे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि BJP और ECI अधिकारी पार्टी के संबंधित प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बिना बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश कर रहे हैं. 

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TMC ने लगाया बैलेट बॉक्स खोलने का आरोप

कुणाल घोष ने कहा, 'आप चुनाव आयोग की लाइवस्ट्रीमिंग और CCTV कैमरे में देख सकते हैं कि कुछ लोग अंदर काम कर रहे हैं. हमारा कोई भी प्रतिनिधि अंदर नहीं है...वे हमें अंदर नहीं जाने दे रहे हैं. वे हमसे दूसरे उम्मीदवारों से बात करने के लिए कह रहे हैं. हम दूसरे उम्मीदवारों की जिम्मेदारी क्यों लें?' शशि पांजा ने कहा, 'हमें चिंता है. कोई हेरफेर नहीं होना चाहिए. हमें यह सब क्यों नहीं दिखाया जा रहा है?'

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टीएमसी ने जारी किया CCTV वीडियो

TMC नेता ने दावा किया कि उन्हें शक है कि ईवीएम स्ट्रांग-रूम के बाहर पहरेदारी के लिए तैनात पार्टी कार्यकर्ताओं को केंद्रीय बलों ने जान-बूझकर हटा दिया है, ताकि स्ट्रांग-रूम के अंदर ईवीएम से छेड़छाड़ की कोई नापाक साजिश रची जा सके. उन्होंने यह भी दावा किया कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को और अधिक पारदर्शी होना चाहिए और सभी को इस बात की जानकारी देनी चाहिए कि स्ट्रांग-रूम के अंदर आखिर चल क्या रहा है.

ममता बनर्जी ने EVM से छेड़छाड़ की आशंका जताई

ईवीएम स्ट्रांग-रूम के सामने टीएमसी का धरना प्रदर्शन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक वीडियो संदेश जारी करने के महज कुछ ही घंटों बाद शुरू हुआ. उस संदेश में ममता बनर्जी ने ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंका जताई थी और पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से स्ट्रांग-रूम की पहरेदारी करने का आह्वान किया था. उन्होंने यह भी कहा कि वह 4 मई की सुबह मतगणना शुरू होने तक सड़कों पर उतरकर स्ट्रांग-रूम की पहरेदारी करेंगी.

उत्तरी कोलकाता की बेलियाघाटा विधानसभा सीट से इस बार तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार घोष के अनुसार, खुदीराम अनुशीलन केंद्र स्थित स्ट्रांग-रूम के सामने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता दोपहर 3:30 बजे तक मौजूद थे.

TMC की चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप

घोष ने आगे कहा, 'दोपहर में केंद्रीय बलों ने उन्हें वहां से हटा दिया. इसी बीच, अचानक मुझे एक ईमेल भेजा गया जिसमें बताया गया था कि स्ट्रांग-रूम शाम 4.00 बजे फिर से खोला जाएगा. तब हमने फोन पर पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क किया. हमने उनसे पूछा कि क्या वे अभी भी वहीं मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि वे वहां से जा चुके हैं. तब हम दोनों तुरंत उस जगह के लिए रवाना हो गए. अब वे हमें अंदर नहीं जाने दे रहे हैं, जबकि वे बीजेपी के लोगों को अंदर बुला रहे हैं.'

शशि पांजा ने कहा कि इस चुनाव में स्ट्रांग-रूम की पहरेदारी का मुद्दा बेहद संवेदनशील है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर स्ट्रांग-रूम खोला गया था, तो हर राजनीतिक दल को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई?