Asansol Violence: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान सोमवार को आसनसोल में हिंसा भड़क गई. आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज स्थित काउंटिंग सेंटर पर अचानक विवाद बढ़ गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई और हालात को संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.
जानकारी के अनुसार, काउंटिंग सेंटर पर मौजूद पोलिंग एजेंटों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई. विवाद इतना बढ़ गया कि वहां कुर्सियों और वाहनों में तोड़फोड़ शुरू हो गई.
पुलिस ने की कड़ी कार्रवाई
स्थिति बिगड़ते देख सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभाला और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया. आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के कमिश्नर प्रणव कुमार ने बताया कि उपद्रवियों ने एक राजनीतिक दल के कैंप को निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि तोड़फोड़ करने वालों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
यह हिंसा ऐसे समय पर हुई है, जब राज्य में चुनावी मुकाबला काफी कड़ा है और रुझान तेजी से बदल रहे हैं. शुरुआती आंकड़ों में भारतीय जनता पार्टी बहुमत के आंकड़े को पार करती दिख रही है, जिससे ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है.
बीजेपी का दावा
पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने भरोसा जताते हुए कहा कि बीजेपी 180 से ज्यादा सीटों के साथ सरकार बनाएगी. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, “रोने दीजिए, सब खत्म हो गया.” सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “सभी हिंदू नरेंद्र मोदी के समर्थन में एकजुट हैं. चार राउंड की गिनती के बाद बीजेपी सरकार बना रही है. हिंदू ईवीएम का मतलब बीजेपी और मुस्लिम ईवीएम का मतलब टीएमसी है, मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर को छोड़कर, जहां लोगों ने कांग्रेस को वोट दिया है.”
इस बार हुआ था रिकॉर्ड मतदानइस बार पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया. दूसरे चरण में 91.66 प्रतिशत और पहले चरण में 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ, जिससे कुल मतदान प्रतिशत 92.47 फीसदी पहुंच गया. 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने करीब 48 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 213 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को लगभग 38 प्रतिशत वोट के साथ 77 सीटें मिली थीं और वह मुख्य विपक्षी दल बनी थी.
