West Bengal Election 2026: 'भाजपा उम्मीदवारों के पर्चे बांट रहे CRPF के जवान', बंगाल में वोटिंग से पहले TMC ने CEC ज्ञानेश कुमार को लिखी चिट्ठी
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच TMC के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने CRPF पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इस संबंध में उन्होंने निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेश कुमार को चिट्ठी लिखी है.

तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने लिखा कि चुनाव आयोग द्वारा जारी 'फोर्स डिप्लॉयमेंट इन इलेक्शंस मैनुअल, 2023'', जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 का उल्लंघन किया गया है.
पत्र में लिखा गया है कि फेसबुक पर प्रसारित एक वीडियो के आधार पर यह शिकायत की गई है. इस वीडियो में कुछ नागरिक यह दावा करते हुए दिखाई दे रहे हैं कि सीआरपीएफ के जवान कथित तौर पर भाजपा उम्मीदवारों के साथ घूम रहे थे, भाजपा के पर्चे बांट रहे थे और मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में वोट देने के लिए प्रेरित कर रहे थे.पत्र में कहा गया है कि यह व्यवहार कथित तौर पर आपराधिक धमकी और चुनावी प्रक्रिया में अनुचित प्रभाव (धारा 174) के तहत अपराध है. इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि इस तरह की गतिविधियां मतदाताओं में डर का माहौल पैदा करती हैं और स्वतंत्र मतदान के अधिकार को प्रभावित करती हैं.
केंद्रीय बलों का निष्पक्ष रहना अनिवार्य: TMC
टीएमसी ने यह भी कहा है कि सीआरपीएफ जैसे केंद्रीय बलों का चुनाव ड्यूटी के दौरान निष्पक्ष रहना अनिवार्य है और इस तरह का व्यवहार चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का उल्लंघन है.पत्र में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 और 129 का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसी भी पुलिस बल के सदस्य को मतदाताओं को प्रभावित करने या किसी भी पार्टी के पक्ष में वोट डालने के लिए प्रेरित करने की अनुमति नहीं है.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी से TMC की मांग
टीएमसी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि संबंधित सीआरपीएफ कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए. उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं. सभी केंद्रीय बलों को पश्चिम बंगाल में निष्पक्षता और चुनाव आयोग के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए जाएं
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