पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रचंड जीत के बाद बीजेपी पहली बार सरकार बनाने जा रही है. बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी दो सीटों से चुनाव लड़े थे, दोनों ही जगह उन्होंने जीत हासिल की है. भवानीपुर में उन्होंने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को शिकस्त दी तो वहीं नंदीग्राम में पवित्र कर को हराया है, लेकिन अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि शुभेंदु कौन सी सीट अपने पास रखेंगे और कौन सी सीट छोड़ेंगे. शुभेंदु का नाम बंगाल के नए मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे है.
नंदीग्राम में कितने वोटों से जीते शुभेंदु अधिकारी?
शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर 9 हजार से ज्याादा वोटों के अंतर से टीएमसी उम्मीदवार पवित्र कर को हराया है. शुभेंदु अधिकारी को 1,27,301 वोट मिले, वहीं पवित्र कर ने 1,17,636 वोट हासिल किए. चुनावी नतीजों के साथ ही यह सीट एक बार फिर राज्य की राजनीति की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई. नंदीग्राम की सीट को बंगाल की राजनीति का केंद्र बिंदु माना जाता है. कहा जाता है कि यहां का जनादेश प्रदेश की दिशा तय करता है.
2021 में हुए विधानसभा चुनाव में इसी सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा था. तब नंदीग्राम में उनका मुकाबला शुभेंदु अधिकारी से हुआ था. बेहद कड़े मुकाबले में ममता बनर्जी को 2 हजार से कम वोटों से हार का सामना करना पड़ा था. ममता बनर्जी ने अपनी पारंपरिक सीट छोड़कर यहां से चुनाव लड़ा था, लेकिन शुभेंदु ने उनको शिकस्त दे दी.
भवानीपुर में नंदीग्राम पार्ट -2
शुभेंदु अधिकारी ने 15 हजार से ज्यादा वोटों से ममता बनर्जी को चुनाव हराया. यह दूसरी बार है, जब अधिकारी के हाथों ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा. चुनावी नतीजों के साथ ही एक बार फिर यह सीट प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गई. ममता बनर्जी इसी सीट से विधायक रही हैं. साथ ही, यह सीट लंबे समय से टीएमसी का गढ़ मानी जाती रही है. यहां दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था. टीएमसी प्रमुख की हार को देखें तो यह कुछ-कुछ 2021 के विधानसभा चुनाव नतीजों की तरह है. 2021 के विधानसभा चुनाव में भी ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से हार का सामना करना पड़ा था.
2021 में नंदीग्राम में मिली हार के बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर का रुख किया और यहां उपचुनाव में जीत हासिल कर बंगाल की मुख्यमंत्री बनीं. इस बार के चुनाव में एक बार फिर शुभेंदु ने नंदीग्राम के साथ ही भवानीपुर से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी. चुनावी नतीजे से पहले ही अधिकारी लगातार दावा कर रहे थे कि उन्हें भवानीपुर से जीत मिलेगी और उनका दावा 4 मई की देर शाम को हकीकत में बदल गया. 2011 के बाद से यह सीट तृणमूल कांग्रेस का गढ़ बनी रही, लेकिन 2026 के चुनाव परिणाम में एक बार फिर टीएमसी का गढ़ ढह गया.
कौन सी सीट छोड़ेंगे शुभेंदु अधिकारी?
संभावाना जताई जा रही है कि शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम सीट छोड़ सकते हैं और भवानीपुर सीट से विधायक बने रहे सकते हैं. दरअसल शुभेंदु ने ममता बनर्जी को टीएमसी के गढ़ में शिकस्त दी है, बल्कि नंदीग्राम के मुकाबले भवानीपुर में बड़े अंतर से जीत हासिल की है. हालांकि, पूरी तस्वीर तभी साफ हो पाएगी, जब शुभेंदु अधिकारी खुद यह साफ करेंगे कि वह किस सीट को अपने पास रखेंगे.
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