पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की हार के बाद मंगलवार (5 अप्रैल 2026) को पद छोड़ने से इनकार कर दिया. उन्होंने दावा किया कि यह चुनाव परिणाम जनता का वास्तविक जनादेश नहीं, बल्कि एक साजिश का नतीजा है. टीएमसी चीफ ममता बनर्जी के बयान पर बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने चुनाव हारने के बावजूद इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है.

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बीजेपी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा

बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, 'सत्ता से चिपके रहकर ममता बनर्जी न केवल अराजकतावादी रवैया अपना रही हैं, बल्कि वे मतदाताओं की भावनाओं और जनादेश की पवित्रता का भी खुलेआम अपमान कर रही हैं. यह पूरी तरह से संवैधानिक व्यवस्था का चरमराना है.' ममता बुनर्जी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि उसकी लड़ाई चुनाव आयोग से थी, जिसने बीजेपी के लिए काम किया. 

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ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया इनकार

उन्होंने कहा, ‘मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हमारी हार जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत हुई है. मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी. वे संवैधानिक मानदंडों के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं.’ ममता बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि लगभग 100 सीट पर जनादेश को ‘लूट’ लिया गया और उनकी पार्टी का मनोबल गिराने के लिए जानबूझकर मतगणना धीमी की गई.

चुनाव आयोग पर बरसीं ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए 10 सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के गठन की भी घोषणा की. उन्होंने 2021 में चुनाव के बाद हुई हिंसा के आरोपों को निराधार बताया. बनर्जी ने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन के कई नेताओं ने उनसे संपर्क कर एकजुटता व्यक्त की. 

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