Lok Sabha Elections 2024:लोकसभा चुनाव 2024 के लिए सभी दल पूरे दम-खम के साथ प्रचार में लगे हुए हैं. मायावती की बहुजन समाज पार्टी भी उत्तर प्रदेश में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए जोर लगा रही है. यूपी में लंबे समय से बहुजन समाज पार्टी का दबदबा रहा है, लेकिन यहां एक सीट ऐसी भी है, जहां इस पार्टी का उम्मीदवार अब तक जीत नहीं हासिल कर पाया. यह सीट है मुरादाबाद. यहां इस बार मायावती अपनी पार्टी की जीत का सूखा खत्म करना चाहेंगी, लेकिन अब उनके लिए राह और भी मुश्किल होगी.
समाजवादी पार्टी के एसटी हसन यहां के मौजूदा सांसद हैं. इस सीट पर किसी भी पार्टी ने अपने उम्मीदवार का नाम नहीं तय किया है, लेकिन समाजवादी पार्टी की तरफ से मौजूदा सांसद एसटी हसन को टिकट मिलना लगभग तय है.
मुरादाबाद के समीकरणइस लोकसभा सीट पर लगभग 45 फीसदी मतदाता अल्पसंख्यक हैं. इसका असर चुनाव के नतीजों पर भी दिखता है. यहां हुए 17 चुनाव में 11 बार मुस्लिम चेहरे को जीत मिली है. साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी पहली बार यहां चुनाव जीतने में सफल रही थी. इससे पहले कांग्रेस के टिकट पर मोहम्मद अजहरुद्दीन इस सीट पर चुनाव जीते थे. यहां 45 फीसदी मुस्लिम, 10 फीसदी दलित, 10 फीसदी से अधिक ठाकुर-ब्राम्हण और सैनी-प्रजापति मतदाताओं की संख्या भी 10 फीसदी से ज्यादा है. ऐसे में यह सीट समाजवादी पार्टी के वोट गणित के लिहाज से बेहतरीन है, क्योंकि अखिलेश की पार्टी को यादव और मुस्लिम वोट मिलते रहे हैं.
बीजेपी दूसरी बार जीत सकती है चुनाव2014 के बाद एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी यहां जीत हासिल कर सकती है. 1980 में हुए दंगों के बाद से ही यहां वोटों का ध्रुवीकरण होने लगा था और बीजेपी लड़ाई में आ गई थी. अब 2014 में जीत के बाद सत्ताधारी पार्टी अपने लाभार्थियों को भी साधने की भरपूर कोशिश करेगी. 2019 में अखिलेश और मायावती के साथ आने से अखिलेश के उम्मीदवार की जीत हुई थी, लेकिन इस बार बीजेपी के लिए राह आसान हो सकती है. क्योंकि मायावती अलग है. यह भी पढ़ेंः UP Lok Sabha Election 2024: इस मौके का इंतजार कर रहीं मायावती! BJP की बढ़ेगी टेंशन, सपा और कांग्रेस को मिलेगा साथ?
