नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 में अब काफी कम समय बचा है. ऐसे में चुनाव आयोग कोई कोताही नही बरतना चाहता. इसी के मद्देनज़र चुनाव आयोग ने चुनाव खर्च पर निगरानी के लिए दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.
चुनाव आयोग द्वारा पूर्व नौकरशाह शैलेन्द्र हांडा को महाराष्ट्र और मधु महाजन को तमिलनाडु में तैनात किया गया है. इन अधिकारियों को चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी शिकायतों के निस्तारण पर भी निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है.
शैलेंद्र हांडा और मधु महाजन को चुनावी मशीनरी द्वारा किए गए काम की निगरानी रखने के लिए नियुक्त किया है. उन्हें ऐसे मामलों का पता लगाना है और रोकना है जहां मतदाताओं को लुभाने के लिए काले धन के इस्तेमाल हो रहा हो. दोनों अधिकारी खुफिया सूचनाओं की निगरानी करेंगे और चुनाव आयोग द्वारा सी-विजिल ऐप के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर भी निगरानी रखेंगे.
इसके अलावा केंद्रीय चुनाव आयोग ने सभी राज्य चुनाव आयुक्तों से कहा कि वो सुनिश्चित करें कि जब उम्मीदवार नामांकन कर रहा हो तो वह अपनी एक लेटेस्ट फोटोग्राफ भी नामांकन पत्र के साथ दें. इस फोटो का इस्तेमाल मतदान के दौरान बैलट पेपर पर किया जा सके.
बता दें कि 11 अप्रैल को पहले चरण के लिए वोट डाले जाएंगे, जबकि 19 मई को सातवें चरण के लिए वोट डाले जाएंगे. मतों की गिनती 23 मई को होगी. लोकसभा के साथ ही ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और आंध्र प्रदेश विधानसभा के चुनाव भी होंगे.
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