नई दिल्ली: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आज चामुंडेश्वरी सीट के लिए अपना नामांकन भरा. चामुंडेश्वरी से चुनाव लड़ने की उन्होंने पहले ही आधिकारिक घोषणा कर दी है. लेकिन बदामी से चुनाव लड़ने को लेकर अब भी सस्पेंस बना हुआ है. कांग्रेस में भी इसको लेकर एक मत नहीं हैं.
चामुंडेश्वरी सीट से जीडीएस ने मौजूदा एमएलए जीटी देवेगौड़ा को उतारा है जो यहां काफी मजबूत उम्मीद्वार है. इससे पहले सिद्धारमैया मैसूर के वरुणा से चुनाव लड़ते थे. वहां से जीत भी चुके है. इस बार उन्होंने अपनी सेफ सीट बेटे यतीन्द्रा को दे दी है. जहां येद्दयुरप्पा के बेटे उन्हें चुनौती दे सकते है.
इस बीच सिद्धारमैया का बादामी सीट से भी लड़ने की अटकलें तेज़ ही गयी है. बताया जा रहा है कि इस सीट से सिद्धारमैया को हार का डर सता रहा है. मैसूर में सिद्धारमैया के शुभचिंतक भी उन्हें बदामी से चुनाव लड़ने के लिए कह रहे हैं.
दरअसल सिद्धारमैया को कुछ लोगों ने आगाह किया है कि बीजेपी और जेडीएस के बीच डील के चलते चामुंडेश्वरी में उन पर हार का खतरा है. हालांकि जेडीएस ने इस डील से साफ इनकार कर दिया है.
चामुंडेश्वरी से सिद्धारमैया पांच बार जीत चुके हैं. साल 2008 में वो वरुणा से चुनाव लड़ने पहुंच गए. लेकिन अब उन्होंने अपने बेटे के लिए वरुणा की सीट खाली कर दी है. फिलहाल चामुंडेश्वरी की सीट पर जेडीएस के जीटी देवगौड़ा का कब्जा है. देवगौड़ा ने यहां से सिद्धारमैया को हराने के लिए पूरी ताकत झौंक दी है.
राज्य में जेडीएस के प्रमुख एचडी कुमारस्वामी ने पहले से ही मुख्यमंत्री को हराने के लिए तीन दिनों के लिए चामुंडेश्वरी में प्रचार किया है. यहां बीजेपी को कमजोर पार्टी माना जाता है. कांग्रेस का दावा है कि सिद्धारमैया को हराने के लिए जेडीएस ने बीजेपी से डील की है. बीजेपी ने अभी तक यहां से अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है.
चामुंडेश्वरी में वोट गणित पर नज़र डालें तो यहां 72,000 वोक्कालिगा और 40,000 वीरशैव/लिंगायत वोट हैं. ऐसे में इन दोनों के वोट अगर सिद्धारमैया के खिलाफ जाते तो सीएम का पत्ता साफ हो जाएगा. बतादें कि वोक्कालिगा अमूमन जेडीएस के पारंपरिक वोटर रहे हैं.
कांग्रेस ने बदामी के लिए डॉक्टर देवराज पाटिल का नाम घोषित किया है. लेकिन पार्टी ने फिलहाल उन्हें नामांकन भरने से रोक दिया है. दरअसल पार्टी को लगता है कि सिद्धारमैया आखिरी मौके पर वहां से चुनाव लड़ सकते हैं. हालांकि सिद्धारमैया ने इसे हाई कमांड के कोर्ट में डाल दिया है.
बदामी के मौजूदा विधायक बीबी चिमानकट्टी ने मुख्यमंत्री को धमकी दी है कि या तो वो खुद वहां से चुनाव लड़े या फिर उन्हें टिकट दिया जाए. बीबी चिमानकट्टी नहीं चाहते हैं कि देवराज पाटिल उनकी सीट से चुनाव लड़े. यहां तक कि आत्महत्या की धमकी दी है.
