Lok Sabha Election 2019: टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और कर्नाटक चुनाव आयोग के ब्रांड एंबेसडर राहुल द्रविड़ 18 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के लिए वोट नहीं डाल पाएंगे. राहुल द्रविड़ के वोट ना डाल पाने की वजह वोटर लिस्ट में उनके नाम का ना होना है.
चुनाव आयोग के एंबेसडर होने की वजह से भी द्रविड़ का वोट ना डाल पाना चर्चा का विषय बन गया है. दरअसल, राहुल द्रविड़ ने जब अपना पता बदला था तो उन्होंने वोटर लिस्ट से नाम हटवाने के लिए फॉर्म 7 जमा किया था. इसके बाद मतदाता सूचि से उनका नाम हटा दिया था. नए पते पर वोटर लिस्ट में नाम शामिल करवाने के लिए राहुल द्रविड़ को फॉर्म 6 जमा करना था. लेकिन फॉर्म 6 जमा नहीं करने की वजह से उनका नाम दोबारा लिस्ट में शामिल नहीं किया गया.
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया है कि वह द्रविड़ के नए घर पर दो बार गए थे, पर उन्हें किसी से भी मिलने की इजाजत नहीं मिली.
बता दें कि चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक परिवार का कोई भी सदस्य वोटर लिस्ट से नाम हटवाने के लिए फॉर्म 7 जमा कर सकता है, लेकिन दोबारा एंट्री के लिए फॉर्म 6 वोटर को खुद ही जमा करना पड़ता है.
राहुल द्रविड़ के पास 16 मार्च तक वोटर लिस्ट में नाम शामिल करवाने का मौका था. चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि अब राहुल द्रविड़ का नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो सकता है. राहुल द्रविड़ के इलाके में 18 अप्रैल को दूसरे चरण में लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी है.