Chhattisgarh Election 2023: छत्तीसगढ़ की 90 सीटों में से 70 सीटों पर दूसरे और आखिरी फेज में शुक्रवार (17 नवंबर) को होने वाली वोटिंग को लेकर सबकी नजरें टिकी हुई है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसी चरण में मुख्यमंत्री भूपेश बघले, उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव, राज्य के कई मंत्रियों और चार सांसदों समेत 958 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा. 

बीजेपी को उम्मीद है कि उस पर लोग विश्वास जताएंगे तो वहीं कांग्रेस सत्ता वापसी का दावा कर रही है. राज्य में इस विधानसभा चुनाव में बीजेपी के चुनाव अभियान का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया. वहीं कांग्रेस की ओर ओर सेअध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मुख्यमंत्री बघेल ने पार्टी को वोट देने के प्रचार किया. ये तो 3 दिसंबर को ही पता लगेगा कि लोगों ने किस पर विश्वास जताया, लेकिन इससे पहले आईए जान लेते हैं कि चुनाव से जुड़ी हर जरूरी बात

पीएम मोदी, अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ ने कितनी रैली की?पीएम मोदी ने 5 दिन में 5 जिलों में प्रचार किया. इस दौरान उन्होंने 5 रैली और 2 मंदिर में दर्शन किए. वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी 5 दिन प्रचार किया और नौ जिलों में बीजेपी के लिए वोट मांगा. शाह ने इसमें 11 रैली और 1 रोड शो किया. 

साथ ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी बीजेपी के लिए छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रचार किया. उन्होंने 2 दिन में पांच जिलों में प्रचार किया. इस दौरान उन्होंने छह रैली और 1 रोड शो किया. 

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने की इतनी रैलीकांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पांच दिन में दस जिलों में प्रचार किया. उन्होंने इस दौरान दस रैलियां की. वहीं प्रियंका गांदई ने 3 दिन में पांच जिलों में कांग्रेस के लिए वोट मांगा. उन्होंने 3 दिन में चार रैली और एक रोड शो किया. 

कांग्रेस और बीजेपी ने एक दूसरे को किन मुद्दों पर घेरा?पीएम मोदी समते बीजेपी के अन्य नेताओं ने प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भ्रष्टाचार, विशेष रूप से कथित महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले, लोक सेवा आयोग भर्ती केस और नक्सलवाद को लेकर निशाना साधा. 

वहीं कांग्रेस की राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं ने बीजेपी पर जवाबी हमला करते हुए कहा कि उनकी पार्टी गरीबों के हित के बारे में सोचती है जबकि बीजेपी के नेतृत्व वाला केंद्र केवल अमीरों के कल्याण के लिए काम करता है. 

किन सीटों पर रहेगी नजरें?दूसरे चरण कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (पाटन), राज्य विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत (सक्ती), उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव (अंबिकापुर), गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू (दुर्ग ग्रामीण) और रवींद्र चौबे (साजा) सहित मंत्रियों की सीटों पर लोगों की नजरें रहेगी. 

वहीं बीजेपी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अरुण साव (लोरमी), नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल (जांजगीर-चांपा), केंद्रीय जनजातीय मामलों की राज्य मंत्री रेणुका सिंह (भरतपुर-सोनहत-एसटी), सांसद गोमती साय (पत्थलगांव-एसटी), वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल (रायपुर दक्षिण), अजय चंद्राकर (कुरुद) और पुन्नूलाल मोहिले (मुंगेली) दूसरे चरण में प्रमुख उम्मीदवार हैं. 

सीएम बघेल अपनी पारंपरिक पाटन सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. इधर बीजेपी ने उनके दूर के भतीजे और पार्टी के सांसद विजय बघेल को मैदान में उतारा है. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी के पाटन से मैदान में उतरने से मुकाबले में एक और आयाम जुड़ गया है. 

अंबिकापुर में टीएस सिंह देव के खिलाफ बीजेपी ने नए चेहरे राजेश अग्रवाल को मैदान में उतारा है. अग्रवाल 2018 में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे. 

70 सीटों से जुड़ी हर जरूरी बातदूसरे चरण में 19 जिले की 70 सीटों पर वोटिंग होगी. पिछले चुनाव यानी 2018 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो यहां 76. 26 फीसदी लोगों ने मतदान किया था. राज्य के 70 विधानसभा क्षेत्रों में से 44 सीटें सामान्य है जबकि 17 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए और नौ सीटें अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित हैं.  

दूसरे चरण में 70 सीटों पर 1,63,14,479 मतदाता 827 पुरुषों, 130 महिलाओं और एक तृतीय लिंग के उम्मीदवार समेत कुल 958 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. इन सीटों में से रायपुर शहर पश्चिम सीट पर सबसे अधिक 26 उम्मीदवार हैं, जबकि डौंडीलोहारा निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम चार उम्मीदवार मैदान में हैं. बता दें कि राज्य की 20 सीटों पर पहले चरण का चुनाव सात नवंबर को हुआ था, जिसमें 78 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. 

पिछला चुनाव में किसे कितनी सीटें मिली थी?साल 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने इन 70 सीटों में से 51 पर जीत दर्ज की थी. वहीं बीजेपी को 13, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) को चार और बहुजन समाज पार्टी (BSP) को दो सीटों पर जीत मिली थी. बाद में कांग्रेस ने उपचुनाव में एक और सीट जीत ली थी. 

पिछले चुनाव में कांग्रेस को राज्य की 90 सीटों में से 68 सीटों पर जीत मिली थी. बीजेपी 15 सीटों पर सिमट गई थी. वहीं चुनाव जेसीसी (जे) को पांच और बसपा को दो सीटें मिली थी. बता दें कि मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में अटकलें है कि कई सीटों पर दूसरे दल खेल बिगाड़ सकते हैं. 

इनपुट भाषा से भी. 

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