पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) चीफ अखिलेश यादव ने 7 मई को कोलकाता में पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी से मुलाकात कर उनके प्रति एकजुटता व्यक्त की. इस दौरान उनसे कांग्रेस को लेकर सवाल किया गया. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक अखिलेश यादव से पूछा गया, 'विपक्ष एक साथ नहीं हो पाया. कांग्रेस साथ नहीं आ पाई. कांग्रेस को कोई सलाह देंगे?' इस पर अखिलेश यादव ने कहा, 'मैं यहां किसी को कोई सलाह देने नहीं आया हूं. आदरणीय दीदी को अपमानित किया. उनके कार्यकर्ताओं को वोट नहीं डालने दिया.'

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INDIA गठबंधन को मजबूत करेंगी ममता बनर्जी

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ममता के कालीघाट स्थित आवास पर अखिलेश का स्वागत किया. यह बैठक सियासी लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद विपक्षी दल अपनी रणनीतियों पर फिर से विचार कर रहे हैं. ममता ने पश्चिम बंगाल चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद विपक्षी इंडिया गठबंधन को मजबूत करने का संकल्प लिया है.

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बंगाल में बीजेपी ने दो-तिहाई बहुमत हासिल किया

ममता बनर्जी से मुलाकात में अखिलेश ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ विपक्षी एकता के लिए अपने समर्थन को दोहराया. बीजेपी ने 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा की 207 सीट जीतकर सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया, जिससे राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत हो गया. तृणमूल कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में महज 80 सीट से संतोष करना पड़ा.

हार के बाद ममता को इन नेताओं ने किया फोन

बंगाल में मिली हार के बाद ममता बनर्जी ने कहा था कि अब वह राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेंगी. उन्होंने कहा था, 'इंडिया गठबंधन के नेताओं ने मुझे फोन करके एकजुटता व्यक्त की. सोनिया जी और राहुल गांधी ने भी मुझसे बात की है.' उन्होंने बताया था कि उन्हें अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव और हेमंत सोरेन ने भी फोन किया था.

ममता बनर्जी का कांग्रेस से नजदीकी बढ़ाना थोड़ा विरोधाभासी है, क्योंकि उनकी पार्टी पहले कांग्रेस और उसके नेताओं, खासकर राहुल गांधी, की आलोचना करती रही है और कई राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में दोनों के बीच अक्सर मतभेद भी रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘जब तक मैं कुर्सी पर थी, मैंने बहुत कुछ सहन किया. अब मैं एक आजाद पंछी हूं, एक आम इंसान हूं. मैं संघर्ष करने वाली हूं. मैं सड़कों पर रहूंगी और सभी अत्याचारों के खिलाफ लड़ूंगी.’

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