S Radha Chauhan: सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर विवाद बढ़ने के बाद सरकार लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है. ऑन स्क्रीन मार्किंग की जांच के दौरान सरकार ने बोर्ड के अध्यक्ष और सचिव राहुल सिंह और हिमांशु गुप्ता को हटा दिया है. इसके बाद सरकार ने जांच समिति का गठन भी किया है. वहीं केंद्र सरकार ने मंगलवार को रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर एस राधा चौहान की अध्यक्षता में यह जांच समिति गठित की है. यह समिति खामियों से ग्रस्त ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से जुड़ी अनियमितताओं की जांच करेगी. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि एस राधा चौहान कौन है, जिन्हें सीबीएसई का सच सामने लाने की जिम्मेदारी मिली है.
क्या जांच करेगी समिति?
रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर एस राधा चौहान को सीबीएसई की ओएमएस प्रणाली के लिए सेवाओं की खरीद से संबंधित मुद्दों की जांच करने का काम सौंपा गया है. उनकी समिति को 1 महीने के अंदर डीओपीटी को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है. चौहान वर्तमान में सीबीसी के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं जो देशभर में सिविल सेवा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पहलों को मानकीकृत करने पर काम करता है.
कौन है आईएएस ऑफिसर एस राधा चौहान?
रिपाेर्ट के अनुसार एस राधा चौहान उत्तर प्रदेश कैडर के 1988 बैच की अधिकारी है और 2025 में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव के पद से रिटायर्ड हुई हैं. एस राधा चौहान कानून की पढ़ाई पूरी कर चुकी है. वह महिला शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल विकास, ग्रामीण विकास, शहरी विकास और कौशल विकास सहित अलग-अलग क्षेत्र में कम भी कर चुकी है. एक रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने गाजियाबाद की आयुक्त, नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ग्रेटर नोएडा के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी और बुलंदशहर, पीलीभीत, आगरा और मेरठ में अतिरिक्त आयुक्त और जिला मजिस्ट्रेट सहित कई प्रशासनिक पदों पर काम किया है. इसके अलावा खबरों के अनुसार राधा चौहान 2011 से 2015 के बीच मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग में सच सचिव के रूप में भी काम कर चुकी है. बाद में उन्होंने राष्ट्रीय गवर्नेंस प्रभार के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में काम किया.
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क्या है सीबीएसई का ऑन-स्क्रीन मार्किंग विवाद?
सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली का विवाद उस समय सामने आया, जब छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के लिए डिजाइन की गई इस नई प्रणाली में गड़बड़ियां सामने आई थी. इसके बाद सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर स्टूडेंट्स और पैरेंट्स ने सवाल उठाए थे. ऑन स्क्रीन मार्किंग में गड़बड़ियों के चलते कई छात्रों के अंक भी प्रभावित हुए थे, जिससे यह मामला काफी चर्चा में आ गया और उसे लेकर जांच की मांग भी तेज हो गई.
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