IPS Ramya Bharati Controversy: तमिलनाडु के कोयंबटूर में 10 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. इस दर्दनाक मामले को लेकर लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है. इसी बीच पुलिस की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बातचीत करते और मुस्कुराते नजर आए. वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इसे संवेदनशील मामले के दौरान गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बताया और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई.

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इस वीडियो में जिन अधिकारियों की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उनमें तमिलनाडु कैडर की आईपीएस अधिकारी आर. वी. रम्या भारती का नाम सबसे आगे है. ऐसे में अब लोग जानना चाहते हैं कि आखिर आईपीएस रम्या भारती कौन हैं. तो आइए जानते हैं कि आईपीएस रम्या कौन हैं, जिनकी हंसी को लेकर हाल ही में विवाद हुआ और उन्होंने कहां तक पढ़ाई की है. 

क्या है पूरा मामला?

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तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के सुलूर इलाके से 21 मई की शाम 10 साल की एक बच्ची अचानक लापता हो गई थी. बच्ची घर के पास की दुकान पर सामान लेने गई थी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी. इसके बाद परिवार ने नजदीकी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई.  पुलिस ने बच्ची की तलाश के लिए कई टीमें बनाई और जांच शुरू की, अगले दिन बच्ची का शव कन्नमपालयम इलाके में एक झील के पास मिला. पुलिस जांच में सामने आया कि बच्ची के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई.  इस घटना के सामने आने के बाद पूरे तमिलनाडु में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए और सरकार से आरोपियों को जल्द से जल्द सजा देने की मांग की गई. पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. इनमें मुख्य आरोपी की पहचान कार्तिक के रूप में हुई है, जो नागपट्टिनम का रहने वाला बताया जा रहा है फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है. 

प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो क्यों बना विवाद?

मामले की जांच के बीच पुलिस ने मीडिया को जानकारी देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी.लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.वीडियो में आईपीएस रम्या भारती, डीआईजी पी. समिनाथन और एसपी पवन कुमार रेड्डी आपस में बातचीत करते हुए हंसते नजर आए. इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर नाराजगी जाहिर करनी शुरू कर दी. लोगों का कहना था कि जिस मामले में एक मासूम बच्ची के साथ इतनी बड़ी दरिंदगी हुई हो, वहां पुलिस अधिकारियों को ज्यादा गंभीर और संवेदनशील दिखाई देना चाहिए था. 

कौन हैं आईपीएस आर. वी. रम्या भारती?

आर. वी. रम्या भारती तमिलनाडु कैडर की 2008 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करके भारतीय पुलिस सेवा जॉइन की थी. उन्होंने 1 सितंबर 2008 को आईपीएस सेवा में प्रवेश किया था, अपने लंबे करियर में वह कई जरूरी जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं और तमिलनाडु पुलिस की चर्चित अधिकारियों में गिनी जाती हैं. 

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कहां तक की है पढ़ाई?

आईपीएस रम्या भारती ने सोशियोलॉजी विषय से बीए किया है. इसके अलावा उन्होंने साइबर फॉरेंसिक में MSc की डिग्री भी हासिल की है. साइबर अपराध और तकनीकी जांच के क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है. यही वजह है कि उन्हें कई अहम मामलों में जिम्मेदारी दी जाती रही है. साथ ही करीब 17 से 18 साल के अपने करियर में रम्या भारती कई जिलों में अहम पदों पर काम कर चुकी हैं. वह कोयंबटूर, मदुरै और तिरुवन्नामलाई जैसे जिलों में एसपी रह चुकी हैं. इसके अलावा उन्होंने चेन्नई में जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस की जिम्मेदारी भी संभाली है. उन्होंने कोलकाता में डिप्टी कमिश्नर के रूप में भी काम किया है. 

केंद्र सरकार में भी संभाल चुकी हैं बड़ी जिम्मेदारी

राज्य पुलिस सेवा के अलावा रम्या भारती केंद्र सरकार में भी अहम पद पर काम कर चुकी हैं. उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी में डिप्टी डायरेक्टर जनरल की जिम्मेदारी संभाली थी. इस दौरान वह देशभर के एयरपोर्ट्स की सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा ऑडिट से जुड़े काम देखती थीं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ भी काम किया और एविएशन सिक्योरिटी से जुड़े कई मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया. 

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