MBBS Fees: नीट यूजी पास करने वाले लाखों छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल आता है, एमबीबीएस के लिए कॉलेज कौनसा चुनें. अच्छी रैंक आने के बाद भी फीस को लेकर कन्फ्यूजन बना रहता है. अगर टारगेट है कम खर्च में एमबीबीएस कंप्लीट करना, तो सरकारी मेडिकल कॉलेज ही सबसे बेस्ट ऑप्शन हैं. लेकिन ध्यान रहे, हर सरकारी कॉलेज की फीस सेम नहीं होती, काउंसलिंग से पहले फीस, हॉस्टल एक्सपेंस और बाकी चार्जेज की पूरी जानकारी लेना जरूरी है.

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एम्स में है सबसे कम फीस

देशभर के एम्स इंस्टीट्यूट्स में एमबीबीएस की ट्यूशन फीस सबसे कम मानी जाती है, कुछ हजार रुपये के आसपास ही पूरी फीस बैठ जाती है. यहां सिर्फ नाम-मात्र की ट्यूशन फीस ली जाती है, लेकिन हॉस्टल, मेस, एग्जाम फीस और बाकी खर्चे अलग से देने पड़ते हैं. कम फीस और बेहतरीन पढ़ाई की वजह से एम्स में एडमिशन के लिए हर साल लाखों छात्र कोशिश करते हैं, और सीट पक्की करने के लिए नीट में 700 से ज्यादा नंबर लाना जरूरी होता है.

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राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कितनी होती है फीस

एम्स के अलावा स्टेट गवर्नमेंट के मेडिकल कॉलेज भी कम फीस में एमबीबीएस का मौका देते हैं. अलग-अलग राज्यों में एनुअल ट्यूशन फीस करीब 5 हजार से 1 लाख रुपये तक हो सकती है. ज्यादातर राज्यों में यह 10 से 50 हजार के बीच रहती है. जैसे, लखनऊ के केजीएमयू में एनुअल फीस करीब 50 से 55 हजार रुपये है. इसलिए काउंसलिंग के दौरान अपने राज्य की ऑफिशियल फीस लिस्ट जरूर चेक कर लें.

ये एक्स्ट्रा खर्चे भी जुड़ते हैं

एमबीबीएस की पढ़ाई का टोटल खर्चा सिर्फ ट्यूशन फीस तक लिमिटेड नहीं होता. छात्रों को हॉस्टल फीस, मेस चार्जेज, किताबें, लैब, एग्जाम फीस और बाकी खर्चे भी उठाने पड़ते हैं. इसलिए कॉलेज चूज करते वक्त टोटल बजट का अंदाजा लगाना जरूरी है. कई सरकारी कॉलेजों में पूरे कोर्स का टोटल खर्चा प्राइवेट कॉलेजों के मुकाबले काफी कम होता है, औसतन 2 से 2.5 लाख रुपये तक.

प्राइवेट कॉलेज से कितना सस्ता है सरकारी कॉलेज?

जहां सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कुछ लाख रुपये में कंप्लीट हो सकता है, वहीं प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में ट्यूशन फीस ही 3 लाख से लेकर 13 से 15 लाख रुपये एनुअल तक पहुंच जाती है. डीम्ड यूनिवर्सिटी और मैनेजमेंट कोटा में यह खर्चा और भी ज्यादा हो जाता है. यानी अच्छी नीट रैंक सिर्फ सरकारी सीट ही नहीं दिलाती, बल्कि लाखों रुपये की बचत भी कराती है.

काउंसलिंग में इन बातों का रखें खास ध्यान

कॉलेज फाइनल करने से पहले उसकी ऑफिशियल फीस, हॉस्टल चार्जेज, बॉन्ड रूल्स और इंटर्नशिप पॉलिसी की जानकारी जरूर ले लें. किसी भी कॉलेज की फीस सिर्फ सोशल मीडिया या किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर देखकर डिसीजन मत लें. फाइनल डिसीजन लेने से पहले संबंधित मेडिकल कॉलेज या काउंसलिंग अथॉरिटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी फीस स्ट्रक्चर जरूर वेरिफाई कर लें.

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