उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर आई है. उत्तर प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट 2026 के नोटिफिकेशन में अहम बदलाव किए गए हैं, जिसके बाद अब पहले से ज्यादा उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे. उत्तर प्रदेश एजुकेशन सर्विस सिलेक्शन कमीशन ने इस संबंध में शुद्धि पत्र जारी कर नियमों में संशोधन किया है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि उत्तर प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट के नोटिफिकेशन में बड़ा बदलाव क्या हुआ है और अब कौन से लोग इसके लिए आवेदन कर सकेंगे. ये भी पढ़ें-Army Recruitment New Rule:सेना भर्ती में नया नियम लागू,ग्रेजुएट जवानों को मिली बड़ी राहत;जल्द बनेंगे अफसर
27 मार्च से आवेदन शुरू, जुलाई में परीक्षा उत्तर प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च से शुरू होगी. जबकि आवेदन के अंतिम तारीख 26 अप्रैल तय की गई है. वहीं परीक्षा का आयोजन 2,3 और 4 जुलाई को प्रस्तावित है. इसके अलावा आपको बता दें कि करीब 4 साल बाद यह परीक्षा आयोजित होने जा रही है. जिसका लंबे समय से स्टूडेंट्स इंतजार कर रहे थे. UPTET में किन उम्मीदवारों को मिली राहत? UPESSC की ओर से जारी संशोधित नोटिफिकेशन के बाद अब नॉन टेट शिक्षक और शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स कर रहे स्टूडेंट्स भी आवेदन कर सकेंगे. पहले केवल अंतिम वर्ष या पास आउट उम्मीदवारों को ही एलिजिबल माना गया था, लेकिन अब यह दायरा बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन कर रहे सभी प्रशिक्षु चाहे वह किसी भी सेमेस्टर में हो आवेदन के लिए एलिजिबल होंगे. साथ ही पहले से कार्यरत सहायक अध्यापकों को भी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आया बदलाव UPTET नोटिफिकेशन में यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप किया गया है. सितंबर 2025 में कोर्ट ने शिक्षकों के लिए टेट पास करना अनिवार्य कर दिया था. ऐसे में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक थे जो पहले पात्रता मानदंड के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे थे. वहीं संशोधन के बाद उन्हें राहत मिली है. इसके अलावा नए नियमों के तहत बीएड कर रहे हैं या पास उम्मीदवार अब परीक्षा में शामिल हो सकेंगे. लेकिन उन्हें केवल उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 6 से 8 के लिए ही एलिजिबल माना जाएगा. वहीं प्राथमिक स्तर के लिए उनकी एलिजिबिलिटी नहीं होगी. पहले जो ब्रिज कोर्स की शर्तें थी, उसे भी हटा दिया गया है. वहीं माना जा रहा है कि इन बदलाव के बाद आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या में बड़ा इजाफा हो सकता है. अनुमान है कि इस बार 15 से 20 लाख आवेदन आ सकते हैं. इसमें प्रदेश के करीब 1.6 लाख ऐसे शिक्षक भी शामिल है, जिन्होंने अभी तक टेट पास नहीं किया और उनके लिए इसे पास करना जरूरी हो गया है.
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