हर सपने की राह आसान नहीं होती. कई बार मंज़िल तक पहुंचने से पहले रास्ता ठोकरों से भर जाता है. लेकिन जो लोग ठोकरों से सीख लेते हैं, वही आगे बढ़कर मिसाल बनते हैं. ऐसी ही एक प्रेरक कहानी हरियाणा के झज्जर जिले से सामने आई है, जहां एक सिक्योरिटी गार्ड के बेटे ने यह साबित कर दिया कि असफलता अंत नहीं, बल्कि सफलता की तैयारी होती है.

Continues below advertisement

यह कहानी है जतिन जाखड़ की जिन्होंने चार बार असफल होने के बाद पांचवीं बार में वह कर दिखाया, जिसका सपना लाखों युवा देखते हैं. साल 2024 में उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक 191 हासिल की.

जतिन का बचपन आर्थिक तंगी में बीता. उनके पिता सेना से रिटायर होने के बाद सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने लगे थे. सीमित आय में घर चलाना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई को कभी रुकने नहीं दिया. खुद के सपनों को पीछे रखकर बच्चों के सपनों को आगे बढ़ाया. घर की हालत ऐसी थी कि महंगी कोचिंग का सपना भी नहीं देखा जा सकता था. लेकिन जतिन ने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. उन्होंने ठान लिया कि वह अपनी मेहनत के दम पर तैयारी करेंगे.

Continues below advertisement

पिता बने सबसे बड़ी प्रेरणा

जतिन ने बचपन से अपने पिता को संघर्ष करते देखा. रात-दिन की ड्यूटी, थकान और जिम्मेदारियों के बीच भी पिता के चेहरे पर उम्मीद रहती थी. यही उम्मीद जतिन की ताकत बन गई. उन्होंने तय कर लिया कि एक दिन वह अपने पिता की मेहनत का फल जरूर देंगे. जब भी परीक्षा में असफलता मिली, उन्होंने हार नहीं मानी. हर बार अपनी गलतियों को समझा, खुद को बेहतर किया और फिर से जुट गए.

यह भी पढ़ें - MPESB Recruitment 2026: सरकारी नौकरी का मौका! MP में नर्सिंग ऑफिसर के हजारों पदों पर भर्ती;जानें कब से शुरू होंगे फॉर्म

बिना कोचिंग, खुद के दम पर तैयारी

यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा के लिए ज्यादातर छात्र कोचिंग का सहारा लेते हैं. लेकिन जतिन के पास इतने साधन नहीं थे. उन्होंने घर पर रहकर, किताबों और नोट्स के सहारे तैयारी की. समय का सही उपयोग किया और पढ़ाई में लगातार लगे रहे. चार बार परीक्षा में असफल होना किसी के भी हौसले को तोड़ सकता है. लेकिन जतिन ने असफलता को सीख बना लिया.

चार बार असफल, पांचवीं बार कमाल

जतिन को यूपीएससी में एक या दो नहीं, पूरे चार बार असफलता मिली. हर बार रिजल्ट के बाद निराशा जरूर हुई, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला. साल 2024 में पांचवें प्रयास में उन्होंने परीक्षा पास कर ली. ऑल इंडिया रैंक 191 हासिल कर उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया.

यह भी पढें - UP Board Result 2026: कॉपियों की जांच आगे बढ़ी, अब कब आएगा रिजल्ट? आइये जानें


Education Loan Information:

Calculate Education Loan EMI