संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया है. परीक्षा में 958 कैंडिडेट्स पास हुए हैं. इस एग्जाम में हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन अंतिम चयन बहुत कम उम्मीदवारों का ही हो पाता है. जब UPSC की फाइनल मेरिट लिस्ट जारी होती है तो उसमें ऊपर के रैंक वाले उम्मीदवारों को आमतौर पर IAS, IPS या IFS जैसी सेवाएं मिलती हैं. लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि फाइनल लिस्ट में सबसे आखिरी रैंक पर आने वाले उम्मीदवार को कौन-सी सर्विस मिलती है और उसकी सैलरी कितनी होती है.
दरअसल UPSC में सेवा का चयन केवल रैंक से ही नहीं होता, बल्कि उम्मीदवार की सर्विस प्रेफरेंस यानी पसंद और उस साल उपलब्ध पदों की संख्या पर भी निर्भर करता है. इसलिए फाइनल लिस्ट में आखिरी स्थान पर आने वाले उम्मीदवार को भी सरकारी सेवा मिलती है, लेकिन आमतौर पर उन्हें केंद्रीय सेवाओं या ग्रुप बी की सेवाओं में नियुक्ति दी जाती है.
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कौन-सी मिलती है सर्विस
- DANICS (दिल्ली, अंडमान और निकोबार सिविल सेवा)
- DANIPS (दिल्ली, अंडमान और निकोबार पुलिस सेवा)
- पॉन्डिचेरी सिविल सेवा
- रेलवे से जुड़ी कुछ सेवाएं
- अन्य केंद्रीय विभागों की प्रशासनिक सेवाएं
क्या होता है इन अधिकारियों का काम
इन सेवाओं में चयनित अधिकारियों को अलग-अलग विभागों में तैनात किया जाता है. जैसे DANICS अधिकारी दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रशासनिक काम संभालते हैं. वहीं DANIPS अधिकारी पुलिस व्यवस्था से जुड़े काम करते हैं. रेलवे और अन्य केंद्रीय सेवाओं में चयनित अधिकारी अलग-अलग विभागों में प्रबंधन और प्रशासन की जिम्मेदारी निभाते हैं.
कितनी होती है सैलरी
UPSC से चयनित लगभग सभी अधिकारियों की शुरुआती बेसिक सैलरी सातवें वेतन आयोग के अनुसार तय होती है. शुरुआत में अधिकारियों को लेवल-10 पे मैट्रिक्स के तहत 56,100 रुपये बेसिक सैलरी मिलती है. इसके साथ कई तरह के भत्ते भी दिए जाते हैं. जब बेसिक सैलरी में महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और यात्रा भत्ता (TA) जुड़ जाता है, तो अधिकारियों की इन-हैंड सैलरी लगभग 70,000 से 1 लाख रुपये प्रति माह तक पहुंच जाती है.
मिलती हैं कई अन्य सुविधाएं
सैलरी के अलावा इन अधिकारियों को सरकार की ओर से कई अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं. इनमें सरकारी आवास, चिकित्सा सुविधा और यात्रा से जुड़ी सुविधाएं शामिल होती हैं. कई पदों पर अधिकारियों को आधिकारिक वाहन और स्टाफ की सुविधा भी मिलती है.
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