उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर गणित की मुख्य परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र को लेकर उम्मीदवारों की आपत्ति सामने आने लगी है. 18 सितंबर को हुई इस परीक्षा में कुल 20 सवाल पूछे गए थे. वहीं उम्मीदवारों का आरोप है कि इनमें से 16 सवाल पहले ही हो चुकी प्रवक्ता भर्ती परीक्षा में पूछे जा चुके हैं. उम्मीदवारों ने इसे लेकर आयोग से पूरे मामले की जांच करने की मांग की.

Continues below advertisement

उम्मीदवारों के अनुसार, जिन सवालों को दोहराने का दावा किया जा रहा है वह 19 सितंबर 2021 को हुई राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की प्रवक्ता परीक्षा में शामिल थे. उनका कहना है कि 20 में से 16 सवाल बिल्कुल समान थे, जबकि एक सवाल में मामूली बदलाव किया गया था. इस तरह उनके अनुसार केवल तीन प्रश्न ही नए थे. 

पुराने सवालों पर क्यों उठे सवाल?

Continues below advertisement

उम्मीदवारों ने परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर इसलिए भी सवाल उठाए हैं, क्योंकि प्रवक्ता और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद अलग हैं. उनके अनुसार दोनों पदों के लिए उम्मीदवारों ने अलग-अलग परीक्षा को ध्यान में रखकर तैयारी की थी. ऐसे में जिन उम्मीदवारों ने पहले प्रवक्ता भर्ती परीक्षा दी थी, उन्हें वहीं प्रश्न दोबारा मिलने से फायदा हो सकता है जबकि बाकी उम्मीदवारों ने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा के लिए अलग तैयारी की थी. इस बात को आधार बनाकर उम्मीदवार प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया की जांच करना कराना चाहते हैं. 

2 सवाल सिलेबस से बाहर होने का भी आरोप 

उम्मीदवारों ने पेपर में दो प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर होने का दावा भी किया. उनका कहना है कि पुराने प्रश्नों को शामिल करते समय यह भी जांचा जाना चाहिए था कि वह असिस्टेंट प्रोफेसर गणित के निर्धारित सिलेबस का हिस्सा है या नहीं. इसी के साथ उम्मीदवारों में प्रश्न पत्र तैयार करने और उसका मॉडरेशन करने वाले विषयों के एक्सपर्ट की भूमिका पर भी सवाल उठाए है. उनकी मांग है कि पुराने और नए प्रश्नों का एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में बारीकी से मिलान कराया जाए. 

ये भी पढ़ें-हाई सैलरी जॉब पाने का मौका दे रहा SBI, मिलेगा 98 लाख तक का पैकेज

इन टॉपिक से जुड़े सवालों पर आपत्ति 

उम्मीदवारों ने जिन सवालों को लेकर आपत्ति जताई है, उनमें सम्मिश्र संख्याएं, औसत गतिज ऊर्जा, रेखीय रूपांतरण और अवकल समीकरण जैसे विषय शामिल है. इसके अलावा तीन रेखीय समीकरण, रेखाओं से बनने वाले शंकु, रैंक नलिटी प्रमेय, घन के ऊपर पृष्ठीय समाकल, व्रत की अभिलंब रेखा और प्रथम चतुर्थांश में क्षेत्रफल से जुड़े प्रश्नों को भी पुराने पेपर से समान बताया गया है. एक सवाल को लेकर उम्मीदवारों ने यह भी कहा कि वह ट्रांसिटिव रिलेशन यानी संक्रामक संबंध से जुड़े पहले पूछे गए प्रश्न जैसा है.

समिति के सामने जा सकता है मामला 

यूपीपीएससी के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने कहा कि आयोग के पास फिलहाल इस मामले की जानकारी नहीं है. उन्होंने बताया कि अगर उम्मीदवार औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराते हैं तो इसे परीक्षा समिति के सामने रखा जाएगा. उम्मीदवारों की मांग है कि दोनों प्रश्न पत्रों की प्रश्न दर प्रश्न तुलना कराई जाए और कथित तौर पर सिलेबस से बाहर पूछे गए दो सवालों की भी एक्सपर्ट से जांच कराई जाए.

ये भी पढ़ें-कैसे करें UPPCS इंटरव्यू की तैयारी, काम आएंगे ये टिप्स?


Education Loan Information:

Calculate Education Loan EMI