उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे उन शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर है, जो अभी तक शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी पास नहीं कर सके. प्रदेश सरकार ने कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष पात्र अध्यापक पात्रता परीक्षा स्पेशल टीईटी कराने की योजना को मंजूरी दे दी है. सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को प्राथमिकता के आधार पर इसका विज्ञापन जारी करने और परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं.

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ऐसे में अब लंबे समय से विशेष टीईटी का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए परीक्षा का रास्ता साफ हो गया है. आपको बता दें कि स्पेशल परीक्षा में वे शिक्षक शामिल हो सकेंगे, जो प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत हैं, लेकिन अभी तक टीईटी की अनिवार्य योग्यता पूरी नहीं कर पाए हैं. 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जरूरी हुआ टीईटी 

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दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को अपने आदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य किया था. शिक्षकों को यह योग्यता हासिल करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया गया है. इसी के बाद प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के बीच विशेष टीईटी कराने की मांग उठ रही थी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में करीब 1,42,818 शिक्षक कार्यरत कार्यरत शिक्षक टेट की अनिवार्यता के दायरे में आए थे. वहीं हाल ही में आयोजित टीईटी में हजारों कार्यरत शिक्षक परीक्षा पास नहीं कर पाए उन्हें अब विशेष टीईटी पास करनी होगी.

यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग कराएगा परीक्षा 

बेसिक एवं माध्यमिक विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने उत्तर प्रदेश सेवा चयन आयोग को विशेष टीईटी का विज्ञापन जल्द जारी करने और परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं. इसके दायरे में बेसिक शिक्षा परिषद स्थानीय निकाय और राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक आएंगे. विशेष टीईटी का आयोजन पहले से कार्यरत शिक्षकों को ध्यान में रखकर किया जाएगा. सामान्य टीईटी जहां, शिक्षक बनने की पात्रता हासिल करने वालों के लिए होती है, वहीं इस विशेष परीक्षा का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्य योग्यता हासिल करने का अवसर देना है, जो पहले से स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं. 

150 अंकों की होगी स्पेशल टीईटी 

स्पेशल टीईटी परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी. इसमें 150 एमसीक्यू वाले सवाल पूछे जाएंगे. हर सवाल एक अंक का होगा. वहीं परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को ढाई घंटे का समय मिलेगा. इस परीक्षा की सबसे खास बात यह है कि इसमें नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी. इसके अलावा प्रश्न पत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगा. परीक्षा प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और विशेष शिक्षकों के लिए निर्धारित स्तर के अनुसार आयोजित की जाएगी. 

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पास होने के लिए कितने अंक जरूरी?

स्पेशल टीईटी में अलग-अलग कैटेगरी के अनुसार न्यूनतम अंक भी तय किए गए हैं. जैसे जनरल कैटेगरी के लिए 150 में से कम से कम 90 अंक यानी 60 फीसदी अंक लाना जरूरी है. एससी-एसटी के लिए 150 में से 82 अंक यानी 55 फीसदी नंबर लाना जरूरी है. वहीं ओबीसी वर्ग के लिए भी 55 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है. ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए भी 55 प्रतिशत अंक जरूरी होंगे. इसके अलावा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों, एक्स सर्विसमैन और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए भी 55 प्रतिशत अंक लाना जरूरी होगा. 

स्पेशल शिक्षक भी दे सकेंगे स्पेशल टीईटी 

स्पेशल टीईटी का दायरा केवल प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के सामान्य शिक्षकों तक सीमित नहीं रहेगा. स्पेशल एजुकेटर को भी इसमें शामिल किया जाएगा. विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने वाले टीचरों के लिए भी यह परीक्षा टीईटी की योग्यता पूरी करने का अवसर देगी.

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