उत्तर प्रदेश के अध्यापकों के लिए राहत की खबर आई है. प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राष्ट्रीय अध्यापक कल्याण प्रतिष्ठान की नियमावली में बड़ा बदलाव किया है. सरकार ने शिक्षक सहायता कोष में वृद्धि की है. इस बदलाव से प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों को गंभीर बीमारियों के इलाज में महत्वपूर्ण आर्थिक मदद मिलेगी. सरकार ने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दी जाने वाली सहायता राशि में तीन गुना से अधिक वृद्धि की है, जिससे शिक्षकों को इलाज के लिए अब पहले से कहीं अधिक मदद मिलेगी. इसके अलावा मृत शिक्षकों की बेटियों की शादी के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. पहले यह राशि 10 हजार रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है. यह फैसला मृतक शिक्षकों के परिवारों को राहत देने के लिए लिया गया है. गंभीर रोग से ग्रस्त शिक्षकों के लिए तत्काल सहायता का प्रावधानइसके अलावा गंभीर बीमारी से ग्रस्त अध्यापकों के मामलों में मंत्री के अनुमोदन से एक सप्ताह के भीतर 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता प्रदान की जाएगी. यदि विशेष परिस्थितियां बनती हैं तो अतिरिक्त सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी. इसके लिए आवेदक को सक्षम अधिकारी का प्रमाण पत्र देना होगा. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रियामाध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा है कि इस प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा. शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए आवेदन पत्र एक नए पोर्टल के माध्यम से लिए जाएंगे जहां आवेदनों की समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा. इसके लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा जो आवेदन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाएगी. अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने यह भी बताया कि गंभीर बीमारियों से ग्रस्त शिक्षकों और उनके आश्रितों के लिए दी जाने वाली सहायता राशि के कोष को बढ़ाने की आवश्यकता है. इसके लिए शिक्षक दिवस पर शिक्षकों से 100 रुपये सहयोग राशि ली जाएगी जिसे शिक्षक संगठनों के साथ बातचीत के बाद लागू किया जाएगा. इसके अलावा प्रकोष्ठ के संचालन के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मानदेय पर रखा जाएगा.
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